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अमित शाह की रैली में बंटे अल कायदा के बुकलेट्स

कोलकाता – बीजेपी चीफ अमित शाह की कोलकाता रैली में एक सनसनीखेज वाकया सामने आया है। रैली के दौरान आतंकी संगठन अल कायदा के बुकलेट्स बांटे गए हैं। इस मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस ने दो संदिग्धों को अरेस्ट किया है। बीजेपी ने इस मामले में बंगाल की ममता सरकार पर कड़ा हमला बोला है। पश्चिम बंगाल के बीजेपी अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने कहा, ‘इसी से पता चलता है कि ममता राज में आतंकियों को हौसले किस कदर बुलंद हैं। टीएमसी बंगाल में आतंकियों को पनाह दे रही है।’

राहुल ने कहा कि यह गंभीर मामला है और पुलिस को इसमें सख्ती से जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर हाल में इसमें शामिल दोषियों को अरेस्ट किया जाना चाहिए। बीजेपी के बंगाल प्रभारी सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा, ‘इसी से पता चलता है कि बंगाल में जेहादी गतिविधियां किस हद तक हैं। ममता आतंकियों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय उदार चेहरा पेश करती हैं।’

दरअसल, बर्द्धमान ब्लास्ट के बाद से ही बीजेपी पश्चिम बंगाल की ममता सरकार पर आतंकवादियों के प्रति सॉफ्ट नजरिया रखने का आरोप लगाती रही है। 2 अक्टूबर को बर्द्धमान जिले के जिस घर पर बम बनाते समय विस्फोट हुआ, वह टीएमसी के एक नेता का बताया जाता है। विस्फोट में दो आतंकी मारे गए थे और एक घायल हो गया था। खुफिया एजेंसियों ने भी कुछ दिनों पहले दावा किया था कि पश्चिम बंगाल में आज की तारीख में 58 आतंकी मॉड्यूल सक्रिय हैं। अमित शाह की रैली में अल कायदा के पर्चे मिलने से बीजेपी के इन आरोपों को बल मिलता दिख रहा है। हालांकि, यह जांच का विषय है कि पर्चे बांटनेवाले वाकई में आतंकवादी संगठनों से जुड़े हैं या उनसे सहानुभूति रखते हैं या फिर यह राज्य सरकार को बदनाम करने की कोई साजिश है।

बहरहाल, अमित शाह की इस रैली पर बीजेपी और टीएमसी में टकराव की स्थिति पैदा हो गई थी। बंगाल सरकार विक्टोरिया हाउस मैदान में रैली करने की अनुमति नहीं दे रही थी, जबकि बीजेपी यहां रैली करने पर अड़ी रही। हाई कोर्ट की पहल पर यहां अमित शाह की रैली हो पाई। इस रैली में बीजेपी चीफ ने कहा, ‘मैं अमित शाह हूं। मैं बीजेपी का छोटा कार्यकर्ता हूं और बंगाल में टीएमसी को उखाड़ने आया हूं। प्रदेश में 2016 में विधानसभा चुनाव होने हैं।

1993 के बाद से विक्टोरिया हाउस के पास यह बीजेपी की पहली रैली है। तृणमूल कांग्रेस के दबदबे वाली केएमसी और राज्य सरकार की तरफ से विक्टोरिया हाउस के पास शाह की रैली को मंजूरी नहीं दिए जाने के बाद बीजेपी इस मामले को लेकर कोलकाता हाई कोर्ट पहुंच गई थी। हाई कोर्ट ने ममता बनर्जी सरकार के ‘जिद्दी’ रुख की आलोचना करते हुए शुक्रवार को शाह की रैली को मंजूरी दे दी।

शाह ने कहा, ‘मैं दीदी से अपील करना चाहता हूं कि अगर वह वोट बैंक की राजनीति करना चाहती हैं तो ऐसा कर सकती हैं लेकिन इसके लिए उन्हें देश की सुरक्षा को खतरे में डालने की जरूरत नहीं है। केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए बांग्लादेशी घुसपैठियों को आसरा मत दीजिए।’ काले धन के मुद्दे पर संसद में तृणमूल कांग्रेस के जबरदस्त हमलों पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा आखिर क्यों बनर्जी सारदा घोटाले में शामिल लोगों को ‘बचा’ रही हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं दीदी से पूछना चाहता हूं कि सारदा चिट फंड में जो पैसा लगा है वह ब्लैक मनी है या व्हाइट मनी? मैं पूछना चाहता हूं कि वह आखिर सारदा घोटाले में शामिल लोगों को क्यों बचा रही हैं ?’

राज्य में औद्योगिक विकास को लेकर ममता सरकार पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा, ‘पूर्वी क्षेत्र के विकास के लिए पश्चिम बंगाल का विकसित होना जरूरी है। बंगाल में कई बड़े उद्योग बंद हुए हैं और यहां के युवा बेरोजगार हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर की हालत बेहद खराब है। आप मुझे बताइए, अगर मोदी जी बंगाल के विकास के लिए काम करना चाहेंगे तो क्या ममता जी इसे पूरा होने देंगी?’ शाह ने रैली में मौजूद लोगों से वादा किया कि अगर बीजेपी अगले विधानसभा चुनाव जीतती है तो वह बंगाल को देश का नंबर 1 राज्य बनाएगी।

शाह ने कहा, ‘मोदी जी का विजन कांग्रेस मुक्त भारत का था और उन्होंने इसे पूरा कर दिखाया। अब हम तृणमूल मुक्त बंगाल चाहते हैं।’ शाह ने कहा, ‘हाल की बैठक में ममता जी ने मेरे बारे में पूछा और वह जानना चाहती थी कि अमित शाह कौन है ? मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि मैं अमित शाह हूं, बीजेपी का अदना सा कार्यकर्ता और मैं आपकी पार्टी को पश्चिम बंगाल से उखाड़ फेंकने आया हूं।’

स्त्रोत : नवभारत टाइम्स

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