भोपाळ में ‘मीडिया महोत्सव २०१८’ का आयोजन

भोपाळ : यहां के विज्ञान भवन में आयोजित दो दिवसीय ‘मीडिया महोत्सव’ के चर्चासत्र में हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु (डॉ.) चारुदत्त पिंगळे मार्गदर्शन कर रहे थे । अपने मार्गदर्शन में उन्होंने यह प्रतिपादित किया कि, ‘जाती के आधार पर आरक्षण देकर पुनः एक बार देश का विभाजन किया जा रहा है, तो दूसरी ओर ‘जातीयवाद अपराध है, वह नष्ट करना चाहिए’, ऐसा प्रचार भी किया जा रहा है । अतः समाज में भ्रम निर्माण होकर देश की अधिक हानि हो रही है । इसके लिए जातपात दूर रखकर हम सभी एक ही सनातन धर्म के अनुयायी है’, ऐसी भावना हिन्दुओं में निर्माण करना आवश्यक है ।’ उस समय व्यासपीठ पर माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के कुलपति श्री. जगदीश उपासने, मध्यप्रदेश राष्ट्रीय एकता समिति के उपाध्यक्ष श्री. रमेश शर्मा तथा वरिष्ठ पत्रकार श्री. उदय माहुरकर इत्यादि उपस्थित थे । इस सत्र का अध्यक्षपद मध्यप्रदेश की महिला तथा बालविकासमंत्री अर्चना चिटणीस ने भूषित किया ।
तत्पश्चात् ‘जातीय, धार्मिक संघर्ष तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के आव्हान’ इस विषय पर मार्गदर्शन करते समय सद्गुरु (डॉ.) चारुदत्त पिंगळेजी ने यह मार्गदर्शन किया कि, ‘‘हमारे पास दशग्रंथी ब्राह्मण रावण की नहीं, तो क्षत्रिय प्रभु श्रीराम की पूजा की जाती है । ब्राह्मण सुदामा की नहीं, तो गोपालक भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है । वाल्मिकी, पराशर, व्यास ये ऋषिगण जन्म से बाह्मण नहीं थे, तो कर्म से स्वयं की उन्नत्ति कर वे पूजनीय हुए तथा हमारे आदर्श हुए हैं । अंग्रेजों ने ‘तोडो तथा राज्य करो’ इस नीति का उपयोग किया । आज पत्रकारों ने लोगों को धर्मशिक्षण देकर उन्हें धर्मपरायण करने की आवश्यकता है ।’’
स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात








