
ढाका (बांग्लादेश) – बांग्लादेश में एक हिन्दू युवक को बंदी बनाने के विरोध में १७ जुलाई के दिन बडी संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किया । इस प्रदर्शन का आयोजन ‘बांग्लादेश हिन्दू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद’ द्वारा ‘नेशनल प्रेस क्लब’ के सामने किया गया था । प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि हिन्दू युवक हरिदास चंद्र तरणी दास को आर्थिक अनियमितता के झूठे प्रकरण में बंदी बनाया गया है । उनका कहना है कि उत्तर बांग्लादेश के गाइबांधा जिले के पलाशबाडी क्षेत्र में भगवान श्रीराम की ८१ फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित करने की पहल करने के कारण ही उनके विरुद्ध यह कार्यवाही की गई।
🇧🇩 Hindus held a protest in Gaibandha, #Bangladesh against the arrest of Haridas Chandra.
They said Tarique Rahman is trying to suppress Hindus to satisfy Radical #Islamists .They demanded the release of Haridas, who built the Lord Ram statue. @DinTri @pavanbadhe https://t.co/H77GZeGeRY pic.twitter.com/kZLx27DaIz
— Bangladeshi Hindus Community🚨🇧🇩 (@Hindubd49346) July 14, 2026
हिन्दुओं पर अत्याचार सहन नहीं किए जाएंगे
‘बांग्लादेश हिन्दू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद’ के महासचिव मणींद्र कुमार नाथ ने हिन्दू युवक को बंदी बनाए जाने की कडी निंदा की । उन्होंने कहा कि सरकार ने २-३ दिन पहले हरिदास चंद्र तरणी दास को बंदी बना कर कारागार भेज दिया । केवल भगवान श्रीराम की प्रतिमा स्थापना से जुडे होने के कारण किसी व्यक्ति को बंदी बनाना स्वीकार नहीं किया जा सकता । पिछले २ वर्षों से बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के विरुद्ध लगातार हिंसा और उत्पीडन की घटनाएं हो रही हैं । पिछले एक वर्ष में देशभर में ३ सहस्र घटनाएं सामने आई हैं । इनमें ६६ लोगों की हत्या हुई तथा अनेक मंदिरों पर धर्मांधों ने आक्रमण किए । ऐसी घटनाएं अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हैं तथा इन्हें सहन नहीं किया जा सकता, ऐसा उन्होंने कहा ।

सरकार को दी चेतावनी
एकता परिषद के वरिष्ठ नेता सुब्रत चौधरी ने सरकार से मांग की कि ऐसे लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्यवाही की जाए । हरिदास चंद्र तरणी दास को किसके निर्देश पर बंदी बनाया गया ? इस कार्यवाही के पीछे किसका हाथ है ? सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए तथा वे कितने भी बडे अधिकारी क्यों न हों, उनके विरुद्ध भी कार्यवाही की जानी चाहिए ।
उनको नहीं छोडने पर बडे आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि हरिदास चंद्र तरणी दास को तत्काल छोड दिया जाए । ऐसा न होने पर बांग्लादेश के हिन्दू, बौद्ध तथा ईसाई समुदाय एकजुट होकर पूरे देश में बडा आंदोलन प्रारंभ करेंगे, ऐसी चेतावनी भी उन्होंने दी ।
भारत ने भी चिंता व्यक्त की थी
इससे पूर्व २३ जून के दिन भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि हिन्दू देवी-देवताओं की मूर्तियों और धार्मिक प्रतीकों के अपमान के समाचार चिंताजनक हैं । बांग्लादेश सरकार को कट्टरपंथियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करनी चाहिए तथा अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए ।








