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Watch Video – ‘संस्कृत’ : विश्व में एक सम्माननीय भाषा !

आज अपने ही मातृभूमि पर उपेक्षा का दंश झेल रही ‘संस्कृत’ विश्व में एक सम्माननीय भाषा और सीखने के महत्वपूर्ण पड़ाव का दर्जा प्राप्त कर रही है। जहां भारत के सार्वजनिक विद्यालयो में फ्रेंच, जर्मन और अन्य विदेशी भाषा सीखने पर जोर दिया जा रहा है वहीं विश्व के बहुत से विद्यालय, ‘संस्कृत’ को पाठ्यक्रम का हिस्सा बना रहे हैं !

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