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. . . तो फिर मस्जिदों पर भोंपु लगाने हतेु बहुसंख्यकों से अनुमति लेने का अध्यादेश भी निकालें ! – हिन्दू जनजागृति समिति

महाराष्ट्र शासन का तुघलकी ‘फ़तवा’ !

मुंबई : राज्य में छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम से राज्य तो चलाया जा रहा है; किंतु इस राज्य में प्रतिदिन हिन्दुओंपर विविध प्रतिबंध लगानेवाले शासकीय अध्यादेश निकाले जा रहे हैं !

शासकीय कार्यालयों से देवताओं के चित्रों को हटाए जाने का अध्यादेश अभी कुढेदान में नहीं गया, तबतक राज्य शासनद्वारा ‘राष्ट्रपुरुषों के पुतलों को खडा करने हेतु अनुमति लेते समय परिसर के अल्पसंख्यकों की ओर से ‘ना हरकत प्रमाणपत्र लेकर साथ में जोडना होगा’, इस प्रकार का नया अध्यादेश निकाला गया है !

छत्रपति संभाजी महाराज वाटिका में स्थित राम गणेश गडकरी का पुतला तोडनेवालोंपर दबाव बनाना तो दूर ही, अपितु इसके विपरीत पुतलों को खडा करने के लिए ऐसी मार्गदर्शक सूचनाएं अर्थात ‘फतवे’ निकाले जा रहें हैं ! अर्थात, क्या शासन तोडफोड करनेवालों से डरता है ?, ऐसा प्रश्‍न उठता है। अब यदि छत्रपति शिवाजी महाराज का पुतला राज्य में कहींपर भी खडी करना हो, तो उसके लिए पहले मुसलमानों की ओर से ‘ना हरकत प्रमाणपत्र’ लेना चाहिए !

यदि ऐसा है, तो फिर क्या, शासन ‘मस्जिदोंपर भोंपु लगाने हेतु स्थानीय बहुसंख्यकों की अनुमति लें’, ऐसा अध्यादेश निकालने का साहस दिखाएगी ?, ऐसा प्रश्‍न हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदेद्वारा एक विज्ञप्ति के माध्यम से उपस्थित किया गया है !

स्रोत : दैनिक सनातन प्रभात

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