श्रीमद् जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वतीजी महाराजके स्वागतके लिए कोकण रेलके सहायक कार्यकारी व्यवस्थापक श्री. एस. के. बाला तथा उनकी पत्नी श्रीमती शिराब्दी बाला स्वामीजीके…
शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वतीजीका महाराष्ट्रमें १९ नवंबरको आगमन हुआ । इस अवसरपर शंकराचार्यजीकी वार्ताकार परिषद आयोजित की गई थी; किंतु राजनीतिज्ञोंके हर कृत्यका लेखा-जोखा रखनेवाली…
हिंदू सामर्थ्यवान होनेके कारण ही विश्वभरमें हिंदुओंका दमन करने हेतु ईसाई तथा धर्मांध व्यूहरचना कर निरंतर प्रयास कर रहे हैं । दिशाहीन प्रशासनको हिंदूविरोधी कृत्य…
हिंदू जनजागृति समितिद्वारा सानपाडा, नई मुंबईमें शंकराचार्य श्री निश्चलानंदसरस्वती महाराजद्वारा विशाल धर्मसभाके माध्यमसे हिंदुओंको मार्गदर्शन किया । सभाके लिए ५ सहस्र ८०० से अधिक हिंदू…
वर्तमानमें हिंदू धर्मकी रक्षा करना हम सबका कर्तव्यकर्म है । शिवछत्रपति तथा समर्थ रामदासस्वामीजीने गोब्राह्मण प्रतिपालनका ध्येय निभाया; इसी कारण म्लेच्छ आक्रमणोंसे हिंदू धर्म की…
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वतीजी महाराजद्वारा किया जानेवाला हिंदू जागृतिका कार्य रोकने हेतु अन्य पंथीय धर्मांध कार्यरत हैं । जिसप्रकारसे हिंदू नेताओंकी हत्या कर उनका…
१९ नवंबरको सवेरे ७ बजे पूर्वाम्नाय गोवर्धनमठ, पुरी पिठाधीश्वर श्रीमद् जगद्गुरु शंकराचार्य श्री निश्चलानंदसरस्वतीजी महाराजका देवदके (पनवेलके) आश्रममें शुभागमन हुआ । तदुपरांत सनातनके संत, हाथोंमें…
शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंदसरस्वती महाराजने आगे कहा कि हिंदुओंको हिंदुत्वके प्रति आस्था न रहनेके कारण ही आज विश्वमें एक भी ‘हिंदू राष्ट्र’ नहीं है । हिंदुओंके…
सनातन भारतवर्षकी इस आद्यपरंपराका संवर्धन कर रहे हैं, गोवर्द्धनमठ (पुरी, ओडिशा) के १४५ वें जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री निश्चलानंदसरस्वतीजी महाराज ! भारतवर्ष और हिंदु धर्मके…
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री निश्चलानंद सरस्वती २० नवंबरसे पूर्व ही महाराष्ट्र एवं गोवा राज्योंकी भ्रमण भेंटके लिए आ रहे हैं । इस निमित्त उनके राष्ट्र…
