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खूनी बन गई इस नदी का रहस्य ढूंढ़ रहा है चीन

श्रावण शुक्ल पक्ष दशमी, कलियुग वर्ष ५११६

हर किसी का सपना होता है वादियों में घर हो, सामने ही खूबसूरत फूलों से खिला हरा-भरा पार्क और उससे साथ ही कल-कल बहती एक साफ-सज्जल नदी। सचमुच ऐसे किसी घर में रहने वाला खुद को शायद दुनिया का सबसे खुशनसीब मान बैठे। खिड़की पर खड़े हों तो हवा की गति के साथ मंद-मंद बहता नदी का वह साफ, नीला पानी देखना किसी को भी स्वर्ग की अनुभूति दे सकता है। ऐसी जगह सिर्फ सपनों में नहीं, हकीकत में भी होती है। ऐसी बातें सुनकर या पढ़कर एक बार हर किसी के मन जरूर ये खयाल आता है कि काश! हम भी दुनिया की भीड़-भाड़ से दूर ऐसे किसी खूबसूरत घर में रह पाते। शायद यह खयाल अभी आपके भी मन में आ रहा हो। पर यह खूबसूरती कभी आपको डरा भी सकती है।

सोचिए अगर किसी दिन आप उठे, अलसाए हुए उठकर खिड़की पर खड़े हुए कि सामने यह क्या..नदी का पानी लाल! यह कैसे हो गया! वह भी किसी छोटे से दायरे में नहीं बल्कि पूरा का पूरा नदी का पानी ही लाल है। शायद आप भय के मारे वहां से भाग ही जाएं। पर चीन में जिस जगह की कहानी हम यहां बता रहे हैं वहां के लोगों के पास भागने का भी कोई रास्ता नहीं।

वेनझोऊ पूर्वी चीन का एक जाना-माना शहर है। तीन ओर से पहाडि़यों से घिरे इस शहर के सामने प्रशांत महासागर है। वेनझोऊ में एक नदी भी है। एक सप्ताह पहले तक नदी का पानी आम नदियों की तरह ही साफ और नीले रंग का था। लेकिन अभी एक सप्ताह के अंदर ही वह अचानक खून की नदी में बदल गई है। डरने की कोई बात नहीं, उसमें किसी का खून नहीं बहा लेकिन हां, आश्चर्य की बात जरूर है क्योंकि एक सुबह लोगों ने देखा तो नदी का पानी खूनी लाल था। रातों रात पानी का रंग कैसे बदला यह किसी को नहीं पता। अभी इसकी जांच चल रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह ५ बजे तक पानी साफ था लेकिन ६ बजते-बजते अचानक पानी का रंग लाल हो गया। इसके आस-पास कोई केमिकल इंडस्ट्री भी नहीं है और इसमें किसी तरह का रासायनिक कचरा भी बहाया नहीं जाता।

इसलिए इस कारण इसका रंग लाल होने की कोई संभावना नहीं है। हां, नदी के पास फूड कलरिंग कंपनी, कपड़ों की शॉप और पेपर मैनुफैक्चर कंपनियां जरूर हैं। इसलिए इसमें रंग मिले होने का शक भी जताया जा रहा है। पर्यावरण रक्षा अधिकारी पानी का सैंपल जांच के लिए ले गए हैं। शुरुआती जांच में अभी तक रंग बदलने का कोई कारण सामने नहीं आया है और यह एक रहस्य बना हुआ है।

हालांकि चीन में यह कोई नहीं बात नहीं है। इससे पहले भी २०११ में जिआन नदी और २०१२ में इसी तरह यांगचे नदी के पानी का रंग अचानक बदल गया था। जिआन नदी का रंग बदलने के पीछे का कारण किसी डाई कंपनी का अनाधिकृत तरीके से लाल रंग की डाई को पानी में बहाया जाना था। पर यांगचे नदी के पानी का रंग बदलने के पीछे कई कारण थे जिनमें एक था बारिश के बाद नदी के पानी में गाद (पानी के बहाव से लाई हुई मिट्टी या रेत) का मिलना। इसलिए संभव है वेनझोऊ की इस नदी के पानी का रंग बदलने के पीछे भी ऐसा कोई कारण रहा हो। फिलहाल यह लोगों में कौतुहल और रहस्य का विषय बना बना हुआ है।

स्त्रोत : जागरण

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