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मुस्लिमों के प्यार में ‘बीमार’ लड़कियों को ठीक करते हैं बाबा !

श्रावण शुक्ल पक्ष षष्ठी, कलियुग वर्ष ५११६

सहारनपूर (उत्तरप्रदेश) – पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही हिंसा की घटनाओं के बीच हिंदू-मुस्लिमों के बीच की खाई चौड़ी होती जा रही है। हालांकि यह खाई कितनी चौड़ी है, इसका सही अंदाजा लगाने के लिए आपको सहारनपुर आना होगा जहां हिंदू अभिभावक अपने बेटियों को मुस्लिम लड़कों के प्रभाव से बचाने के लिए बाबाओं का सहारा ले रहे हैं। उनका आरोप है कि प्रदेश में हिंदुओं के खिलाफ एक 'लव जिहाद' चल रहा है।

सहारनपुर में हाल में भड़की हिंसा के दौरान कर्फ्यू और तमाम खतरों के बीच बागपत के राजन सिंह का परिवार शहर पहुंचा। राजन सिंह अपनी बेटी के 'इलाज' के लिए पहुंचे थे। यह इलाज किसी अस्पताल में नहीं बल्कि बाबा रिजकदास के यहां होना था। राजन सिंह की बेटी की 'बीमारी' आम नहीं है, वह अपनी बेटी के सर से एक मुस्लिम लड़के के प्यार का भूत उतरवाने आए हैं। दरअसल बाबा रिजकदास इसी बीमारी का इलाज करते हैं।

'हिंदू समाज के रक्षक' कहलाने वाले बाबा रिजकदास के सामने आते ही राजन कहते हैं, 'मेरी 17 साल की बेटी एक मुस्लिम लड़के प्रभाव में आ गई है। वह कहती है कि इस लड़के शादी करेगी।' लड़की मेसेजेस के जरिए उससे बात करती है और एक बार लड़के के साथ देखी भी गई है। अब उसका मोबाइल छीन लिया गया है और घर से बाहर जाने की इजाजत नहीं है। यह सिर्फ राजन सिंह की कहानी नहीं है। ऐसे कई पैरंट्स हैं जो अपनी बेटियों के इलाज के लिए बाबा के पास आते हैं। बाबा हिंदू लड़कियों को उनके मुस्लिम प्रेमियों के प्रभाव से मुक्त करने के विशेषज्ञ हैं।

कई लोग मानते हैं कि यह हिन्दुओं के खिलाफ छेड़ा गया 'लव जिहाद' है और मुस्लिम लड़के उनकी लड़कियों को प्यार के जाल में फंसा रहे हैं। लड़कियों को बाबा के पास इलाज के लिए लाया जाता है। बाबा 'पवित्र' मिनरल वाटर की एक बोतल और चावल के जरिए उन्हें ठीक करते हैं।

६१ साल के बाबा रिजकदास को सहारनपुर और आस-पास के हिंदू परिवार बहुत मानते हैं। रिजकदास कहते हैं, 'यह हमारे परिवारों को बर्बाद करने की मुस्लिमों की साजिश है। वह हमारी बेटियों को सम्मोहित कर देते हैं। यहां तक कि वे इस पानी को छूने से भी इनकार करती हैं। ऐेसी स्थिति में हम बल का इस्तेमाल करते हैं। बाकी मामलों में हम मंत्रों के जरिए काले जादू को खत्म करते हैं।'

वेस्टर्न यूपी में बढ़े तनाव के बीच 'लव जिहाद' की बात ने लोगों के बीच के अविश्वास और शक को और गहरा किया है। सहारनपुर के बीजेपी दफ्तर के मुताबिक, सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर इलाकों में पिछले एक साल में 'लव जिहाद' के २५० 'वेरिफाइड' मामले सामने आए हैं।

सहारनपुर के बीजेपी एमपी राघव लखनपाल कहते हैं, 'यह हिंदू महिलाओं खासकर नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाए जाने का सुनियोजित अभियान है।' लखनपाल कहते हैं कि पिछले कुछ महीनों में स्थिति और खराब हुई है।

लखनपाल के परिवार का एनजीओ महिला सहयोग समिति घर से भागने वाली लड़कियों को वापस आने की सलाह देता है। लखनपाल कहते हैं, 'हम जानते हैं कि यह सुनियोजित है क्योंकि गरीब घरों के लड़कों को भी पैसे, कार, भागने के लिए टिकट, रहने के लिए जगह दिए जाते हैं। निकाह भी अरेंज किया जाता है। यह कम्युनिटी के सपोर्ट के बिना नहीं हो सकता।'

स्त्रोत : नवभारत टार्इम्स

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