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भारत-चीन ने लद्दाख में चीनी चरवाहों की घुसपैठ की बात मानी

श्रावण शुक्ल पक्ष द्वितिया, कलियुग वर्ष ५११६

बीजिंग – भारत और चीन ने पिछले हफ्ते लद्दाख में चीनी चरवाहों की घुसपैठ की बात सोमवार को स्वीकार की। दोनों देशों ने इस घटना को तूल नहीं देते हुए कहा कि इस मुद्दे को सेनाओं की फ्लैग मीटिंग के जरिये सुलझा लिया गया है।

जम्मू-कश्मीर में वास्तविक नियंत्रण रेखा से सटे दमचुक सेक्टर में चीनी चरवाहों के घुस आने के बारे में एक मेल के जवाब में चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सीमा पर तैनात कर्मियों की मीटिंग के जरिये इस मुद्दे का उचित हल निकाल लिया गया है। चीन और भारत के बीच सीमाई क्षेत्रों में शांति एवं सद्भाव बनाए रखने के बारे में सहमति है। चीन दोनों देशों के सीमाई इलाकों में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करेगा।

दमचुक सेक्टर के छारदिंग नीलु नुल्लाह जंक्शन इलाके में घटी 25 जुलाई की इस घटना के बारे में नई दिल्ली में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि फ्लैग मीटिंग के बाद चीनी चरवाहे वापस चले गए। भारत के एक गश्ती दल को घटनास्थल पर भेजा गया था। बाद में वहां चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी भी पहुंच गई थी। खबरों में कहा गया है कि दोनों पक्षों के कमांडरों की फ्लैग मीटिंग के बाद अंतत: चीनी चरवाहे दूसरे दिन पीछे जाने पर राजी हुए। सीमा विवादों के संदर्भ में चीन के विदेश मंत्रालय ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच इसी माह ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान ब्राजील में हुई बैठक का भी उल्लेख किया जिसमें दोनों नेताओं ने आपसी मतभेद सकारात्मक और भविष्य को देखते हुए सुलझाने पर सहमति जताई है। इसमें आपसी भरोसा मजबूत करने, मिलकर सीमा पर शांति एवं सद्भाव बनाए रखने और दोनों देशों के बढ़ते रिश्ते में सीमा के सवाल को बाधा नहीं बनने देने पर सहमति जताई थी।

स्त्रोत : दैनिक जागरण

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