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सीमापर भारतीय जवानोंकी हत्या हो रही है, ऐसा होते हुए भी पाकिस्तानके साथ कितने दिनतक क्रिकेट खेले

श्रावण शुक्ल पक्ष प्रतिपदा, कलियुग वर्ष ५११६

आइबीएन. लोकमतपर आयोजित चर्चासत्रमें कला तथा क्रीडाद्वारा पाकिस्तानके साथ सम्बन्ध सुधारनेका सपना

मुंबई – २४ जुलाईको आइबीएन लोकमत समाचारप्रणालपर आजका सवाल कार्यक्रममें सानिया मिर्जाकी सदिच्छा दूत (ब्राण्ड एम्बैसेडर) बननेसे विरोधके पीछे क्या है राजनीति ?’ इस चर्चासत्रमें हिन्दू जनजागृति समितिके राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदेद्वारा ये उद्गार व्यक्त किए गए कि पाकिस्तानका क्रिकेटपटु जावेद मियांदाद यह वक्तव्य देता है कि भारतके साथ क्रिकेट (प्रतियोगिता) खेलना हमारे लिए जिहाद है । पाकिस्तान जब प्रतियोगिताजीत जाता है, तो आज भी भारतके मुसलमानोंके घरोंके पास पटाखे फोडे जाते हैं । प्रधानमंत्री श्री. नरेंद्र मोदीद्वारा पाकके प्रधानमंत्रीको शपथविधि समारोह हेतु आमंत्रित करनेके पश्चात भी हमारे जवानोंकी हत्या नहीं रुकी है । सीमापर भारतीय जवानोंकी निरंतर हत्या होती है, ऐसा होते हुए भी हम पाकिस्तानके साथ कितने दिनतक क्रिकेट खेलेंगे ? कला अथवा क्रीडाके माध्यमसे भारत पाकिस्तानसे मित्रता करे, यह सपना कितने दिनोंतक देखेंगे ?

इस चर्चासत्रमें पत्रकार हेमंत देसाई, कांग्रेसकी नीला नीला लिमये, शतरंजपटु प्रवीण ठिपसे सम्मिलित हुए थे । कु. अलका धूपकरने सूत्रसंचालन किया ।

 

सानिया मिर्जाको सदिच्छा दूत बनाते समय सायना नेहवालका विस्मरण हुआ क्या ? – रमेश शिंदे

श्री. रमेश शिंदे

श्री. रमेश शिंदे

 १. तेलंगणाके नागरिकोंने यह आपत्ति उठाई है कि आंध्रप्रदेश राज्यमें तेलंगणाके लोगोंपर अन्याय होता है; इसलिए तेलंगणाकी स्थापना हुई । राज्यकी स्थापनाके पश्चात वहांके शासनने उन छात्रोंकी छात्रवृत्ति बंद कर दी जिनका जन्म तेलंगणामें नहीं हुआ है । अतः तेलंगणामें जन्म नहीं हुए सानिया मिर्जाका सदिच्छा दूत बनाना, तेलंगणावासियोंपर अन्याय है ।

२. यहांके नागरिक यह प्रश्न उपस्थित कर रहे हैं कि इस राज्यका अर्थसंकल्प १५ सहस्र करोड रुपएकी हानिपर (टूटपर) है; तो सानियाको १ करोड रुपए क्यों दिए जा रहे हैं ।

३. सानियाने भारतके प्रियकरके साथ निश्चित किया गया विवाह तोडकर पाकिस्तानके खिलाडीके साथ विवाह किया है । आज वह दुबईमें निवास कर रही है । अतः यदि सानियाकी इच्छा पाकिस्तानके पक्षमें खेलनेकी है, तो उन्हें खुले आम खेलना चाहिए ।

४. सानिया मिर्जाको सदिच्छा दूत बनाते समय सायना नेहवालका विस्मरण क्यों होता है ?

५. सानियाके विवाहके विषयमें बताया गया कि कांग्रेस प्रवक्ताद्वारा सानियाकी व्यक्तिगत बातोंकी चर्चा क्यों की जाती है; किंतु उनके ही दलके दिग्विजय सिंहद्वारा चुनावके समय नरेंद्र मोदीके विवाहके संदर्भमें किए गए विवादका क्यों विस्मरण किया जाता है ?

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात

 

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