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लाखों कांवड यात्रियों के लिए केवल १४ चलते-फिरते शौचालय !

श्रावण कृष्ण पक्ष एकादशी, कलियुग वर्ष ५११६


मुजफ्फरनगर (उत्तरप्रदेश) – उत्तरप्रदेशमें मुजफ्फरनगर से कांवड़ यात्रा के दौरान अगले ३ दिनों में करीब १ करोड़ कांवडिय़ों की संख्यां गुजरेगी। आगामी ४ दिनों के बाद २५ तारीख की महाशिव रात्रि को जलाभिषेक होगा। इन लाखों की तादात में सफर कर रहे कांवडिय़ों को मात्र १४ चलते-फिरते टॉयलेट उपलब्ध करवाए गए हैं।

इनका उपयोग करने की हिदायत जहां केवल महिलाओं को दी गई है, वहीं टॉयलेट उपलब्ध नहीं होने की वजह से तमाम लाखों पुरूष कांवडि़ए खुले में शौच जाने को मजबूर है। खुले में मल त्याग करने के कारण संक्रमण की बीमारियां फैलने से इंकार नहीं किया जा सकता। ध्यान रहे कि कांवड़ यात्रा से पहले हुई मेरठ में कांवड़ की कागजी व्यवस्था में अधिकारियों ने ताल ठोक कहा था कि इस बार शौचालय की व्यवस्था पर जोर दिया जाएगा। 

इसके जवाब में नाम नहीं छापने की शर्त पर सूबे की सरकार का एक बड़ा अधिकारी कहता है कि रोजाना प्रति घंटा के हिसाब से करीब १० हजार कांवडि़एं यहां से गुजर रहे है। अनुमान है कि 1 करोड़ कांवडियों की संख्यां विभिन्न प्रदेशों में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा तथा राजस्थान स्थित अलग अलग शिवालयों में जलाभिषेक करेगी। लेकिन उत्तम, उत्तर प्रदेश का दंभ भरने वाली समाज वादी सरकार की कांवडिय़ों के लिए शौचालय व्यवस्था कागजो तक ही सीमित रह गई।

करीब २०० किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा में उत्तराखंड से लेकर उत्तरप्रदेश होते हुए सडक़ इर्द-गिर्द इस तरफ और उस पार संक्रमण का जबरदस्त अटैक हो रहा है। इसमें कांवडि़ए जहां बीमार हो रहे है, वहीं स्थानीय लोग भी संक्रमण से अछूते नहीं रह गए है। दूसरी तरफ जलाभिषेक के बाद संक्रमित लाखों कांविडि़ए जब अन चाहे संक्रमण को लेकर अपने परिजनों के पास पहुंचेंगे, तो उन्हें मुफ्त में संक्रमण परोसेंगे। सरकार के युवा मुख्य मंत्री अखिलेश यादव को कम से कम मैलों की व्यवस्था के दौरान, तो लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए।

स्त्रोत : पंजाब केसरी

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