Menu Close

इराक वार : आईएसआईएस ने गैर इस्लामी लोगों को सुनाया फरमान – धर्म बदलो, टैक्स दो या फिर जान गंवाओ

श्रावण कृष्ण पक्ष  नवमी, कलियुग वर्ष ५११६


बगदाद – इराक में आइसिस के आतंकियों ने अपने कब्जे वाले हिस्से में रह रहे गैर-इस्लामी लोगों को तुगलगकी फरमान सुनाया है। नए फरमान में आतंकियों ने लोगों से कहा है कि या तो वे धर्म बदल लें या फिर उन्हें धार्मिक टैक्स दें या फिर जान गंवाने को तैयार रहें। इराक के कई शहरों पर कब्जा कर उसे इस्लामिक स्टेट घोषित करने वाले आतंकियों के निशाने पर मुख्यतः मोसुल शहर में रह रहे ईसाई हैं। इन आदेशों के बाद से वहां रह रहे लोग काफी चिंतित हैं।

इस्लामिक स्टेट की ओर से बांटे गए बयान में कहा गया है कि यह आदेश शनिवार से लागू हो जाएगा। इसके अलावा शुक्रवार को मोसुल में मस्जिदों से भी चेतावनी जारी की गई कि इस आदेश को न मानने वालों के पास शहर छोड़ने को कुछ ही घंटे हैं। इस डर से मोसुल से भारी संख्या में ईसाई पलायन कर रहे हैं। आतंकी संगठन आईएसआईएस ने करीब एक महीने पहले किए गए हमले में इस क्षेत्र पर कब्जा कर लिया था।

आदेश में कहा गया है कि जो ईसाई इस्लामिक स्टेट (कैलिफेट) में रहना चाहते हैं, उन्हें एक ऐतिहासिक समझौते को मानना पड़ेगा। 'धीमा' नाम के इस समझौते के तहत मुस्लिम क्षेत्रों में रहने वाले उन गैर-मुस्लिम लोगों को सुरक्षा दी जाती थी जो एक टैक्स 'जजिया' का भुगतान करते थे।

खलीफा इब्राहीम ने इसाइयों को दिया शनिवार तक शहर छोड़ने का आदेश-


 . आदेश में कहा गया है- हमने उनके लिए तीन रास्ते छोड़े हैं- इस्लाम, धीमा और ये दोनों स्वीकार न हों तो फिर तलवार।
 . इस्लामिक स्टेट के नेता अबू बकर अल बगदादी, जिसे अब खलीफा इब्राहिम कहा जा रहा है, ने ईसाइयों को उनका इलाका छोड़ने के लिए शनिवार तक का वक्त दिया है।
 . साथ ही उन्हें जरूरत से अधिक सामान ले जाने की इजाजत नहीं है और उनकी संपत्तियों पर इस्लामिक स्टेट का कब्जा हो जाएगा।

स्त्रोत : हरिभूमि

Latest News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *