
मध्यप्रदेश के भोपाल में झरनेश्वर मंदिर में पत्रकारों से बात करते हुए द्वारका तथा शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद सरस्वतीजी ने प्रश्न किया है । उन्होंने कहा कि विदेशों में जब असहिष्णुता की बात होती है तो प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं कि भारत, गांधी और बुद्ध का देश है । मोदी भारत को जिस बुद्ध का देश कहते हैं, उनका भारत के लिए कोई योगदान नहीं रहा है। शंकराचार्यजी ने कहा है कि, पीएम मोदी असहिष्णुता के आरोपों से घबरा गए हैं। मोदी स्वयं विदेशियों को श्रीमद् भगवद्गीता भेंट देते हैं तो वे यह क्यों नहीं कहते की भारत, भगवान राम और कृष्ण का देश है ?
उन्होंने आगे कहा कि बुद्ध के अनुयायी ही अब जातियों में बंटने लगे हैं । इसके विपरीत भगवान श्रीकृष्ण ने जीवन जीने की कला सिखाई है । श्रीमद् भगवद्गीता के उपदेशों का पालन करने से समस्याएं सुलझती हैं ।
शंकराचार्यजी द्वारा किया गया यह प्रश्न हिन्दुआें के मन में भी है । क्या मोदीजी इसका उत्तर देंगें ? – हिन्दूजागृति
स्त्रोत : खबर आइबीएन








