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लॉर्ड माउंटबेटन को स्वदेश वापसी के यात्रा भत्ते में दिए गए थे ६४ हजार रुपये !

आषाढ कृष्ण पक्ष त्रयोदशी, कलियुग वर्ष ५११६


नई दिल्ली –  भारत की आजादी के बाद अंतिम गवर्नर जनरल लॉर्ड माउंटबेटन को स्वदेश वापसी के दौरान ६४ हजार रुपये बतौर टीए/डीए दिए गए थे, जो आज के कुछ करोड़ के बराबर राशि है। वहीं, देश के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने अपनी पेंशन और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने मासिक वेतन ही लेने से इन्कार कर दिया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर तमाम मंत्रालयों में चलाए जा रहे सफाई अभियान के दौरान अधिकारियों को केंद्रीय मंत्रालय से कुछ ऐसे ही ऐतिहासिक महत्व की फाइलें हाथ लगी हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से जुड़ी रोचक घटनाओं का भी इन फाइलों में जिक्र है। मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले कुछ दिन से चलाए जा रहे सफाई अभियान में अब तक करीब डेढ़ लाख पुरानी फाइलें नष्ट की जा चुकी हैं। इस दौरान कुछ महत्वपूर्ण फाइलें भी मिली हैं, जो वर्षो से अलमारियों में धूल फांक रही थीं। इनमें से ही एक फाइल देश के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद से जुड़ी है, जिसमें बताया गया है कि उन्होंने किसी तरह की पेंशन लेने से इन्कार कर दिया था।
पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री से संबंधित ऐसी ही एक फाइल भी अधिकारियों को मिली है। उन्होंने प्रधानमंत्री के तौर पर मिलने वाले मासिक वेतन को लेने से इन्कार कर दिया था। दोनों को मिलने वाली राशि सरकार के आपदा कोष में दान कर दी गई थी। इसके अलावा कुछ और महत्वपूर्ण फाइलें भी मिली हैं। इनमें बापू की मौत से पहले बुलाई गई कैबिनेट बैठक का जिक्र है। ऐतिहासिक महत्व की फाइलों को नेशनल आर्काइव ऑफ इंडिया को भेजा जा रहा है।

स्त्रोत : जागरण 

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