आषाढ कृष्ण पक्ष पंचमी, कलियुग वर्ष ५११६
क्या यह देवी-देवताओंका प्रकोप नहीं है ?
बेंगलुरू : देवी-देवताओंकी मूर्तिपर लघुशंका करनेपर भी मुझे कुछ नहीं हुआ । पुस्तकमें ऐसा लिखनेवाले ज्ञानपीठ पुरस्कारप्राप्त साहित्यिक यू.आर.अनंतमूर्तिको पथरीकी बीमारी होनेकी बात उजागर हो गई है ।
पिछले कुछ माहसे वे इस व्याधिपर उपचार ले रहे हैं ।
इसलिए कर्नाटक शासनद्वारा उन्हें साढे ग्यारह लाख रुपयोंकी सहायता दी गई है । मुख्यमंत्री सहायता निधिसे एक ही समयमें यह संपूर्ण राशि दी गई है ।
स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात








