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‘वैलेंटाईन संस्कृति’को नष्ट करने हेतु संघर्षका नहीं, अपितु प्रेमका आधार लें ! – योग वेदांत सेवा समि

फाल्गुन कृष्ण पक्ष प्रतिपदा, कलियुग वर्ष ५११५

अमरावती (महाराष्ट्र)  – 'हिंदु धर्म रक्षा' समितिके एवं 'योग वेदांत समिति'के जनसंपर्क 'प्रमुख मानव बुद्धदेव'ने प्रसिदि्धपत्रकद्वारा अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संयोजक बालक एवं युवा पीढीको विनाशके मार्गपर ले जानेवाली 'वैलेंटाईन संस्कृति'को यदि नष्ट करना है, तो संघर्षका नहीं, अपितु प्रेमका आधार लेना पडेगा । 'पूज्यपाद संत श्री आसारामजी बापूजी'द्वारा आरंभ किए 'मातृ-पितृ पूजन'के अभियानमें सभी लोग सम्मिलित हुए, तो एक दिन ‘वैलेंटाईन डे’ को सभी भूल जाएंगे । इस अभियानमें 'अमरावती'के  अनेक विद्यालय भी सम्मिलित हो रहे हैं ।१४ फरवरीको बडनेरा मार्गपर पूज्यपाद संत श्री आसारामजी बापूजीके आश्रममें मातृ-पितृ पूजनका कार्यक्रम आयोजित किया गया है । इस कार्यक्रममें उन्होंने संस्कृतीप्रेमी एवं राष्ट्रभक्तोंको अधिकाधिक संख्यामें सम्मिलित होनेका आवाहन किया है ।

समितिद्वारा आज उल्हासनगरमें श्री योग वेदांत सेवा समितिद्वारा भव्य संत-संम्मेलन एवं मातृ-पितृ दिवसका आयोजन !

सनातन संस्थाके प्रवक्ता श्री. आनंद जाखोटियाका सहभाग !

उल्हासनगर(महाराष्ट्र) –  पाश्चात्त्य कुप्रथाओंके कारण चरित्रहीन होनेसे एवं 'वैलेंटाईन डे' समान व्याधिसे 'देश'की युवा पीढीको बचाने हेतु देशकी युवा पीढीको बचाने हेतु 'उल्हासनगर'में १४ फरवरीको 'गोल मैदान'में संध्या समय ५ बजे 'भव्य संत-संम्मेलन' एवं 'मातृ-पितृ दिवस'का आयोजन किया गया है । इस अवसरपर 'अखिल भारतीय संत महासभा'के अध्यक्ष 'स्वामी चक्रपाणि महाराज', 'सनातन संस्था'के प्रवक्ता 'श्री. आनंद जाखोटिया' तथा 'श्री योग वेदांत सेवा समिति'के 'श्री. संजयभाई' मार्गदर्शन करेंगे । अतः अधिकाधिक हिंदु इसका लाभ लें ।
संपर्क क्र. : श्री. हरीश यादव – ९८६९६०१४७७

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात

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