देश की सुरक्षा और धर्मनिरपेक्षता बनाए रखने के लिए युरोप के कुछ देशों ने पहले ही सार्वजनिक स्थानों पर हिजाब और बुर्का पहनने पर प्रतिबंध लगाया है । परंतु पिछले ३० वर्षों से जिहादी आतंकवाद का सामना करनेवाले भारत में कधी ऐसा प्रतिबंध लगाने का विचार भी नहीं किया गया । – सम्पादक, हिन्दू जनजागृति समिति
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एमस्टर्डम – नीदरलैंड में अब सार्वजनिक स्थलों पर इस्लामिक हिजाब पहनना अपराध माना जाएगा। डच कैबिनेट ने सार्वजनिक स्थलों पर चेहरा ढंकने वाले ‘इस्लामिक हिजाब’ पर पाबंदी लगा दी है। सार्वजनिक स्थलों जैसे स्कूल, अस्पताल और पब्लिक ट्रांसपोर्ट आदि में महिलाएं चेहरा नहीं ढंक सकेंगी।
हालांकि कानून में सड़कों पर हिजाब पहनने पर आजादी दी गई है। नए कानून के मुताबिक, कानून का पालन न करने पर ४५० डॉलर यानी २८५७२ रुपए का जुर्माना भरना पड़ेगा। हालांकि नीदरलैंड में मुस्लिम महिलाएं कम ही बुर्का पहनती हैं और वह भी किसी खास मौके पर।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस नए कानून को मूल्यांकन के लिए लीगल एडवाइजर के पास भेजा जाएगा। २०१२ में सरकार द्वारा बुर्के पर प्रतिबंध लगाने को लेकर पैनल को कड़ी आलोचनाओं को सामना करना पड़ा था। इसमें कहा गया था कि यह संवैधानिक धार्मिक स्वतंत्रता के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है।
स्त्रोत : भास्कर








