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हिंदुओंको धर्मशिक्षा प्राप्त कर धर्मरक्षाके लिए संगठित होना कालकी आवश्यकता है ! – श्री. सुरेश मुं

पौष कृष्ण १०/११ , कलियुग वर्ष ५११५

जवा गांवमें (फरिदाबाद)  धार्मिक एवं लक्ष्यित हिंसा प्रतिबंधक विधेयक २०११ के संदर्भमें हिंदुओंका प्रबोधन

हिंदुओंको मार्गदर्शन करते समय श्री. सुरेश मुंजाल(छायाचित्रमें)

हिंदुओंको मार्गदर्शन करते समय श्री. सुरेश मुंजाल(छायाचित्रमें)

समितिके श्री. दैवेश रेडकरने उपस्थित लोगोंको समितिका कार्य एवं समितिद्वारा चलाए जानेवाले उपक्रमोंको मिलनेवाली सफलताके संदर्भमें जानकारी दी । वैद्य भुपेश शर्माने भी मार्गदर्शन किया ।
जवा गांव (फरिदाबाद, हरियाणा) – यहां आयोजित बैठकमें उपस्थित व्यक्तियोंको मार्गदर्शन करते हुए हिंदू जनजागृति समितिके हरियाना राज्य समन्वयक श्री. सुरेश मुंजालने प्रतिपादित किया कि प्रस्तावित कानून ‘धार्मिक आणि लक्ष्यित हिंसा प्रतिबंधक विधेयक २०११’ द्वारा विधेयक बनानेवाले व्यक्तियोंने ऐसा दर्शानेका प्रयास किया है कि हिंदू निश्चित रूपसे हिंसक मानसिकताके होते हैं । इस विधेयकसे हिंदुओंके अभिव्यक्ति स्वातंत्र्यपर संकट आएगा । इसलिए इस विधयकको सभी स्तरोंपर विरोध होना अत्यावश्यक है । आज हिंदुओंको राष्ट्र एवं धर्मकी स्थितिके संदर्भमें कोई माध्यम उचित जानकारी नहीं देता तथा धर्मशिक्षाके अभावके कारण धर्मके संदर्भमें हिंदुओंको प्रेम नहीं रहा । अतः हिंदुओंको धर्मशिक्षा प्राप्त करनी चाहिए । इस शिक्षाके माध्यमसे हमारे अंतःकरणमें धर्मप्रेम उत्पन्न होकर हम धर्मरक्षाके लिए एकत्र आएंगे ।

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात 

 

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