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पू. नारायण साई ने कभी नहीं कहा कि उसने किया यौन शोषण

मार्गशीर्ष शुक्ल १२ , कलियुग वर्ष ५११५


सूरत – दो सगी बहनों द्वारा प.पू. आसारामबापूजी और उनके पुत्र पू. नारायण साई पर लगे गए यौन शोषण के आरोप को पू. नारायण साई के वकील ने खारिज कर दिया है। वकील ने कहा कि सूरत पुलिस झूठ बोल रही है। पू. नारायण साई के वकील ने कहा कि पुलिस पूछताछ में साई ने कभी नहीं स्वीकार किया है कि आश्रम में रहने वाली लड़कियों के साथ शारीरिक संबध बनाए थे।

सूरत पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना ने कहा कि पू. नारायण साई ने पूछताछ में इस बात को स्वीकार किया है कि विभिन्न आश्रम में रह रही सेविकाओं से उसके शारीरिक संबंध थे। उन्होंने कहा कि पुलिस इन लड़कियों की तलाश में जुटी है। उन्होंने कहा कि पू. नारायण साई के खिलाफ साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता है।

गौरतलब है कि दो महीने की लुका छिपी के बाद पुलिस ने पू. नारायण साई को दिल्ली हरियाणा बार्डर से गिरफ्तार किया था। पीड़ित दोनों बहनों का आरोप है कि प.पू. आसारामबापूजी और उसके पुत्र पू. नारायण साई ने सूरत के आश्रम में 1997 से 2006 के बीच यौन शोषण किया था।

साई की पनाहगाह तलाशने सूरत पुलिस लुधियाना पहुंची

लुधियाना, जागरण संवाददाता। दुष्कर्म व यौन शोषण मामले में अदालत से भगोड़ा करार दिए जाने के दौरान पू. नारायण साई को लुधियाना में पनाह देने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी पंकज अग्निहोत्री से पूछताछ के लिए बृहस्पतिवार को सूरत पुलिस की क्राइम ब्रांच की पांच सदस्यीय टीम लुधियाना पहुंची। सूरत पुलिस ने अग्निहोत्री के बस्ती जोधेवाल स्थित शोरूम पर दबिश दी और पंकज अग्निहोत्री व उनके पारिवारिक सदस्यों से पूछताछ की। पुलिस करीब तीन घंटे तक आसपास के लोगों से भी पूछताछ करती रही। सूरत पुलिस ने व्यापारी के परिसर पर दबिश देने से पहले थाना सलेम टाबरी पुलिस को सूचना दी। एसएचओ बलविंदर सिंह ने सूरत पुलिस के आने की पुष्टि की। उधर, पंकज अग्निहोत्री के पिता राज कुमार अग्निहोत्री ने कहा कि पुलिस ने उनसे पूछताछ की है, लेकिन उन्होंने पू. नारायण साई को कोई पनाह नहीं दी।

स्त्रोत : जागरण

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