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आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट मामले में करिश्मा अजीज के विरुद्ध मामला दर्ज करने का न्यायालय का आदेश

हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं, स्वतंत्रता सेनानी सावरकर, प्रधानमंत्री मोदी आदि के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का मामला

नई दिल्ली – हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणियां करने तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना कुत्ते से करने के आरोपों को लेकर पटियाला हाउस न्यायालय ने दिल्ली पुलिस को सोशल मीडिया एक्टिविस्ट करिश्मा अज़ीज़ के विरुद्ध मामला दर्ज करने का आदेश दिया है।

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि, “करिश्मा अज़ीज़ के विरुद्ध लगाए गए आरोपों से प्रथमदृष्टया संज्ञेय अपराध घटित होने के संकेत मिलते हैं और इस मामले में जांच की आवश्यकता है।”

क्या थीं आपत्तिजनक टिप्पणियां?

अ. एक हिंदू संत के आध्यात्मिक विचारों और उनके दिव्यांगत्व का मज़ाक उड़ाना।

आ. भारत के प्रधानमंत्री की तुलना कुत्ते से करना।

इ. हिंदू योद्धाओं और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों का उपहास करना।

ई. औरंगज़ेब का महिमामंडन करते हुए हिंदू प्रतीकों का अपमान करना।

उ. स्वतंत्रता सेनानी सावरकर को ‘देशद्रोही’ कहना तथा हिंदू धर्म एवं देशभक्ति की भावनाओं को निशाना बनाना।

दिल्ली पुलिस की टालमटोल वाली भूमिका

दिल्ली पुलिस ने न्यायालय में दिए अपने जवाब में कहा था कि इन टिप्पणियों में अश्लीलता होने और हिंदू धर्म को निशाना बनाए जाने के बावजूद, वे राजनीतिक/ऐतिहासिक टिप्पणी, आलोचना और व्यंग्य के स्वरूप की हैं। साथ ही, प्रारंभिक जांच में धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने का कोई जानबूझकर प्रयास किए जाने के प्रमाण नहीं मिले।

इस पर न्यायालय ने स्पष्ट किया कि ये टिप्पणियां राजनीतिक टिप्पणी या व्यंग्य की सीमा में आती हैं अथवा आपराधिक कृत्य की सीमा पार कर चुकी हैं, यह जांच का विषय है।

स्रोत : दैनिक सनातन प्रभात

संपादकीय टिप्पणी
दिल्ली में भाजपा की सरकार होने के बावजूद पुलिस इन घटनाओं पर मामला दर्ज नहीं करती, यह शर्मनाक है! सरकार को ऐसे पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई करनी चाहिए, ऐसा ही हिंदुओं को लगता है!
— संपादक, हिंदू जनजागृति समिति
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