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मिशनरियों द्वारा कैटरर्स के भोजन, टिकट तथा अन्य सुविधाओं की व्यवस्था
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हिंदुओं की सतर्कता के कारण 22 महिलाओं के विरुद्ध मामला दर्ज

मुंबई – पालघर जिले के मोखाडा तालुका स्थित वाकडपाड़ा के आदिवासी पाड़ों में हिंदुओं के धर्मांतरण के लिए ईसाई मिशनरियों की बड़ी व्यवस्था सक्रिय होने का मामला एक बार फिर सामने आया है। हिंदुओं के धर्मांतरण के लिए भाग्यनगर से आईं 20 महिलाओं तथा उनका सहयोग करने वाली 2 स्थानीय महिलाओं, कुल 22 महिलाओं के विरुद्ध इस मामले में मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि इन सभी महिलाओं के आने-जाने, भोजन तथा अन्य सुविधाओं का खर्च ईसाई मिशनरियों द्वारा किया जा रहा था। उनके दोपहर के भोजन के लिए ठाणे जिले से एक चारपहिया वाहन में ‘कैटरर्स’ का भोजन भी भेजा गया था।
विश्व हिंदू परिषद, भगिनी निवेदिता उत्कर्ष मंडल तथा भाजपा के जागरूक कार्यकर्ताओं ने धर्मांतरण के लिए आई महिलाओं को रोका। 22 अगस्त को इन महिलाओं के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया। श्री अक्षय कान्हात नामक युवक ने इन महिलाओं के विरुद्ध पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायत के अनुसार, 21 अगस्त को दोपहर लगभग 1 बजे ये महिलाएं श्री अक्षय कान्हात के घर आई थीं। उन्होंने अक्षय को ‘नया करार’ और ‘पवित्र शास्त्र’ नामक ईसाई धर्म की पुस्तकें निःशुल्क दीं।
🚨 Christian Missionary Network Exposed In Palghar, Maharashtra
22 Christian women were caught red handed over attempts to convert Adivasi Hindus to Christianity in Mokhada.
Missionaries were funding their travel, food and other expenses…
They distributed Bible and urged… pic.twitter.com/c4FxP1rFjL
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) August 24, 2026
हिंदू देवी-देवताओं की उपासना न करने का कथित आह्वान!
इस दौरान उन महिलाओं ने कथित रूप से कहा, “हिंदू धर्म और हिंदू देवी-देवताओं पर विश्वास मत करो। उनकी पूजा मत करो। इन पुस्तकों को पढ़ने के बाद तुम्हारा ईसाई धर्म अपनाने का मन होगा। इन पुस्तकों को पढ़ने के बाद तुम्हें कोई बीमारी नहीं होगी और यदि कोई बीमारी है, तो वह ठीक हो जाएगी।”
अक्षय ने उनके द्वारा दी गई पुस्तकें स्वीकार नहीं कीं। इसके बाद वे महिलाएं पुस्तकें घर के दरवाजे के पास रखकर वहां से चली गईं।
धर्म प्रचार करने वालों का आर्थिक भार मिशनरियों द्वारा उठाने का आरोप!
अक्षय ने घटना की जानकारी भाजपा के तालुकाध्यक्ष श्री मिलिंद झोले को दी। इसके बाद उनके साथ भगिनी निवेदिता उत्कर्ष मंडल के कार्यकर्ता श्री बंसी हमरे तथा विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने उन महिलाओं की तलाश की।
उस समय वे महिलाएं पाड़े की ही एक स्थानीय महिला के घर भोजन कर रही थीं। उनके लिए भोजन लेकर ठाणे जिले से एक कैटरर्स की गाड़ी वहां आई थी। भोजन करने के बाद हिंदुत्वनिष्ठ कार्यकर्ता उन महिलाओं के साथ पुलिस थाने गए और शिकायत दर्ज कराई।
रेलवे ट्रेन छूटने के बाद विमान से जाने की व्यवस्था किए जाने की चर्चा?
इन 20 महिलाओं के भाग्यनगर जाने के लिए शाम की ट्रेन का आरक्षण भी कराया गया था। पुलिस थाने में हुई देरी के कारण उनकी ट्रेन छूट गई। उस समय उनमें से एक महिला ने किसी व्यक्ति को फोन करके ट्रेन छूट जाने की जानकारी दी।
इसके बाद उनके वापस जाने की व्यवस्था विमान द्वारा किए जाने की चर्चा उन महिलाओं के बीच चल रही थी। वहां मौजूद एक हिंदुत्वनिष्ठ व्यक्ति ने यह बातचीत सुनी। दैनिक ‘सनातन प्रभात’ के प्रतिनिधि को जानकारी देते हुए उस हिंदुत्वनिष्ठ व्यक्ति ने इस घटना के बारे में बताया।
स्रोत : हिंदी सनातन प्रभात








