हिन्दुत्वनिष्ठ अमित भोसले एवं विक्रम घुंगरवाला की मांग
पुलिस द्वारा शिथिलता से अन्वेषण करने का आरोप

पुणे – हिन्दू धर्म की कीर्तन-भक्ति का आधार लेकर हिन्दुओं को ईसाई धर्म में धर्मान्तरित करने का प्रलोभन देनेवाले बिशप पंकज देवनूर को पुलिस शीघ्र बंदी बनाए । उसके पासपोर्ट-दस्तावेज का सत्यापन किया जाए । साथ ही कार्यक्रम के आयोजकों पर कठोर कार्रवाई की जाए, ऐसी मांग हिन्दुत्वनिष्ठ श्री अमित राजू भोसले एवं श्री विक्रम घुंगरवाला ने पत्रकार परिषद् में की ।
इस अवसर पर अधिवक्ता श्री आशीष सोनवणे एवं सीताराम सोळंकी उपस्थित थे । इस प्रकरण में पुलिस की भूमिका संदेहास्पद है । यह ‘महाराष्ट्र धर्मस्वातंन्त्र्य अधिनियम २०२६’ के अंतर्गत पंजीकृत राज्य का प्रथम अभियोग है । पुलिस अत्यंत शिथिलता से अन्वेषण कर रही है, ऐसा आरोप भी इस अवसर पर लगाया गया । नगर की गुरुवार पेठ में स्थित ‘पवित्र नाम देवालय’ (चर्च) में ७ अगस्त के दिन कीर्तन का कार्यक्रम आयोजित किया गया था । हिन्दू धर्म की परम्परा तथा भक्ति परम्परा के नवविधा-भक्ति में से कीर्तन का ईसाई धर्मप्रचार हेतु साभिप्राय उपयोग किए जाने का आरोप इस पत्रकार परिषद् में लगाया गया ।
ब्रिटिश नागरिकता प्राप्त पंकज देवनूर ‘ओ.सी.आई.’ (OCI) दर्जा प्राप्त नागरिक है । उसने ‘इमिग्रेशन ऐण्ड फॉरेनर्स एक्ट’ का उल्लङ्घन किया है । ऐसे नागरिकों को भारत में धार्मिक प्रचार, धर्मान्तरण के प्रयास अथवा धार्मिक मञ्चों पर प्रचारकीय संभाषण करने पर प्रतिबंध होते हुए भी देवनूर धर्मान्तरण का प्रयास कर रहा था । चर्च की वर्षगांठ के अवसर पर चर्च में आयोजित कीर्तन में हिन्दू धर्म के कीर्तन, अभङ्ग, भजन, भारूड, पोवाडा, गोन्धळ, माऊली, पारम्परिक वाद्य एवं परिचित भक्ति-रचनाओं का ईसाई धर्मप्रचार हेतु साभिप्राय उपयोग किए जाने का आरोप भी श्री अमित भोसले एवं श्री घुंगरवाला ने लगाया ।








