कश्मीर में फिर पहलगाम जैसा आतंकी आक्रमण !

श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) – कश्मीर के कुलगाम में ३१ जुलाई की रात २ जिहादी आतंकवादियों ने ईंट-भट्ठे पर काम करनेवाले छत्तीसगढ के २ प्रवासी हिन्दू श्रमिकों से उनका नाम पूछकर उन पर गोलियां चला दीं । इसमें एक श्रमिक की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई, जबकि दूसरे की उपचार के समय मृत्यु हो गई । यह घटना कुलगाम से लगभग २० किलोमीटर दूर केलाम क्षेत्र में हुई । मृत युवकों के नाम २४ वर्षीय दीपक रात्रे एवं २८ वर्षीय भूपेंद्र हैं । घटना के पश्चात सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी है तथा वाहनों की जांच की जा रही है । आतंकवादी मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए थे । उनमें से एक के पास ए.के.-४७ राइफल तथा दूसरे के पास पिस्तौल थी । आक्रमण के उपरांत दोनों वहां से फरार हो गए । प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इनमें से एक आतंकवादी ने कुछ दिन पहले अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात अनंतनाग के एक पुलिसकर्मी पर गोली मार कर उसकी हत्या की थी ।
“पहले नाम पूछा, फिर 2 हिंदुओं को अलग कर मार दी गोली”
कश्मीर के कुलगाम में पहलगाम जैसा आतंकी हमला।
धर्म जानने के बाद Lashkar-e-Taiba ने बनाया निशाना
1 – दीपक कुमार
2 – भूपिंदर कुमारदोनों हिंदू प्रवासी मजदूर छत्तीसगढ़ के निवासी। pic.twitter.com/2xaXyMk5Qv
— Sagar Kumar “Sudarshan News” (@KumaarSaagar) August 1, 2026
केवल हिन्दू श्रमिकों को अलग करके मारा गया
पुलिस के अनुसार, यह आक्रमण पहलगाम की घटना की तरह ही किया गया । आतंकवादियों ने पहले प्रवासी श्रमिकों से उनके नाम पूछे । इसके पश्चात २ हिन्दू श्रमिकों को समूह से अलग कर उनके ऊपर पास से गोलियां चला दीं । उस समय वहां कई प्रवासी श्रमिक उपस्थित थे; किंतु उनमें केवल यही २ हिन्दू थे । पुलिस सूत्रों के अनुसार, आतंकवादियों नेl पहले पूरी जानकारी जुटाई तथा उसके उपरांत इस आक्रमण को अंजाम दिया ।
आक्रमण के पीछे फिर ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’
सूत्रों के अनुसार, इस आक्रमण में एक स्थानीय एवं एक विदेशी आतंकवादी के समाहित होने का संदेह है । प्रारंभिक जांच का केंद्र मोहम्मद लतीफ है । वह पिछले वर्ष लश्कर-ए-तैयबा के ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टी.आर.एफ.) संगठन में समाहित हुआ था । पहलगाम का आक्रमण भी इसी संगठन द्वारा किया गया था ।
राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को १०-१० लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस घटना के उपरांत मृत हिन्दू श्रमिकों के परिजनों को १०-१० लाख रुपये की अनुग्रह सहायता देने की घोषणा की ।
स्रोत : हिंदी सनातन प्रभात








