वरली म्यूज़िक कॉन्सर्ट में युवक की मृत्यु प्रकरण में ‘सनबर्न’ और प्रशासन पर सदोष मनुष्यवध का अपराध का मामला दर्ज करे!

मुंबई : गोरेगांव स्थित नेस्को (NESCO) में आयोजित म्यूज़िक कॉन्सर्ट में ड्रग्स के अत्यधिक सेवन से दो युवकों की मृत्यु होने की घटना से लेकर शिवड़ी के विवादित सनबर्न फेस्टिवल तक, पुलिस प्रशासन द्वारा बरती गई अक्षम्य लापरवाही के कारण अब वरळी के हाई-प्रोफाइल ‘आउटवर्ल्ड’ म्यूज़िक कॉन्सर्ट में एक और निर्दोष युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी है। वरली स्थित ‘एनएससीआई’ (NSCI) डोम में युवक की मृत्यु तथा एक युवती के बेहोश हो जाने की घटना राज्य में बढ़ते नशे के जाल की भयावह सच्चाई को दर्शाती है। शिवड़ी और वरळी में आयोजित दोनों कार्यक्रमों के मुख्य आयोजक ‘सनबर्न फेस्टिवल’ के आयोजक तथा उनके स्थानीय सहयोगी ‘स्टार स्टेज इवेंट्स’ और ‘ई वेंचर एक्स’ होने की जानकारी सामने आ रही है। वरली में हुई इस मृत्यु के लिए जिम्मेदार लोगों, सनबर्न आयोजकों तथा उन्हें जानबूझकर संरक्षण देने वाले भ्रष्ट प्रशासन के विरुद्ध तत्काल गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाए तथा ‘सनबर्न फेस्टिवल’ पर महाराष्ट्र में स्थायी प्रतिबंध लगाया जाए। इसी मांग ‘नशा विरोधी संघर्ष अभियान’ की ओर से श्रीमती धनश्री केलशीकर ने की | इस दृष्टि से 11 जून को दादर रेलवे स्टेशन के बाहर जनआंदोलन किया गया। इस आंदोलन में युवा, राष्ट्रप्रेमी नागरिक तथा विभिन्न हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

वरली स्थित इस संगीत कार्यक्रम को प्रारंभ में कानून एवं व्यवस्था के कारणों से पुलिस द्वारा अनुमति नहीं दी गई थी; किंतु बाद में उच्च स्तर से दबाव आने के पश्चात अनुमति दी गई हो, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है। इससे पहले शिवड़ी में आयोजित सनबर्न फेस्टिवल के कारण स्थानीय नागरिकों को भारी मानसिक कष्ट सहना पड़ा था तथा युवा पीढ़ी ने सड़क पर उतरकर इसका तीव्र विरोध भी किया था; किंतु प्रशासन ने उस समय कोई ठोस कार्रवाई न करते हुए इन विवादित कार्यक्रमों को संरक्षण दिया। गोवा के ‘सनबर्न फेस्टिवल’ में ड्रग्स के अत्यधिक सेवन से अनेक युवाओं की मृत्यु होने का काला इतिहास तथा हिंदु जनजागृती समिति सहित विभिन्न संगठनों द्वारा वर्षों से प्रशासन को लिखित आपत्तियां दिए जाने के बावजूद केवल पैसों के आगे झुककर गोरेगांव और वरली में इन मौत की पार्टियों को जानबूझकर अनुमति क्यों दी गई, इसका उत्तर अब पुलिस और प्रशासन को देना ही होगा, ऐसा ‘नशा विरोधी संघर्ष अभियान’ की ओर से श्रीमती धनश्री केळशीकर ने आंदोलन को संबोधित करते हुए कहा।
छत्रपति शिवाजी महाराज की पवित्र एवं संस्कारित महाराष्ट्र भूमि में केवल पैसे के बल पर युवा पीढ़ी को नशे की गर्त में धकेलकर राज्य को पंजाब की तर्ज पर ‘उड़ता महाराष्ट्र’ बनाने के इस प्रयास को हम कभी सफल नहीं होने देंगे। प्रशासन के इस गैरजिम्मेदार, भ्रष्ट और असंवेदनशील रवैये के कारण जिन परिवारों के युवा बच्चों की मृत्यु हुई है, उन माता-पिता की अपूरणीय क्षति की भरपाई प्रशासन किस प्रकार करेगा, इसका उत्तर भी प्रशासन को देना चाहिए, ऐसी मांग आंदोलन में उपस्थित मान्यवरों और राष्ट्रप्रेमी नागरिकों द्वारा की गई।
वरली स्थित ‘एनएससीआई’ (NSCI) डोम मुंबई महानगरपालिका अर्थात सरकारी संपत्ति होने के बावजूद वहां युवा पीढ़ी को बर्बाद करने वाली ऐसी घातक पार्टियों का आयोजन कैसे होने दिया जाता है? इसलिए महानगरपालिका ने जिन ठेकेदारों को यह डोम किराये पर संचालन हेतु दिया है, उन ठेकेदारों और संबंधित प्रबंधन पर शासन कौन-सी कठोर कार्रवाई करेगा, इसका उत्तर तत्काल मिलना चाहिए। जब तक युवाओं के रक्त से हाथ रंगे हुए इस ‘सनबर्न’ तथा दोषी प्रशासनिक अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज नहीं किया जाता, तब तक हमारा यह संघर्ष नहीं रुकेगा। छत्रपति शिवराय की भूमि में पाश्चात्य ड्रग्स संस्कृति का महिमामंडन तथा अश्लील पार्टियों का प्रदर्शन करने वाले ऐसे विघातक कार्यक्रमों को सरकारी स्तर पर तत्काल बंद किया जाना चाहिए, ऐसा भी ‘नशा विरोधी संघर्ष अभियान’ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है।








