पणजी में आबकारी आयुक्तों को ज्ञापन प्रस्तुत

व्यावसायिक उद्देश्य से मद्यालय तथा बार को देवी-देवताओं के नाम दिए जाने की प्रथा पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए, ऐसी मांग का ज्ञापन गोमंतक मंदिर महासंघ की ओर से आबकारी आयुक्तों को प्रस्तुत किया गया। महासंघ का कहना है कि, इस प्रकार के नामकरण से हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।
गोमंतक मंदिर महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने 19 मई को आबकारी आयुक्त अश्विन चंद्रू से उनके कार्यालय में भेंट कर यह ज्ञापन सौंपा। इस प्रतिनिधिमंडल में महासंघ के श्री जयेश थळी, सौ. विशाखा म्हांबरे, श्री प्रमोद तुयेकर, श्री दिलीप शेट्ये तथा श्री राज बोरकर शामिल थे।
18 मई
गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से मांग

पणजी – गोवा में मद्यविक्रय की दुकानों को हिन्दू देवी-देवताओं के नाम देने पर प्रतिबंध लगाया जाए। धर्म में पूजनीय व्यक्तियों, देवी-देवताओं अथवा धार्मिक प्रतीकों का उपयोग मद्यविक्रय व्यवसाय के लिए न किया जाए, इसके लिए सरकार स्पष्ट नियम बनाए, ऐसी मांग गोमंतक मंदिर महासंघ ने मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत को दिए गए एक निवेदन के माध्यम से की है।
यह निवेदन देते समय गोमंतक मंदिर महासंघ के प्रतिनिधिमंडल में महासंघ के श्री जयेश थळी, हिन्दू जनजागृति समिति के गोवा राज्य समन्वयक श्री गोविंद चोडणकर, श्री युवराज गावकर, श्री रघुनाथ मडकईकर तथा सौ. विशाखा म्हांबरे उपस्थित थे।

गोमंतक मंदिर महासंघ द्वारा दिए गए निवेदन में कहा गया है कि, वर्तमान में गोवा में अनेक स्थानों पर मद्यविक्रय की दुकानों को हिन्दू देवी-देवताओं के नाम अथवा हिन्दू धार्मिक प्रतीकों का संदर्भ देकर नाम दिए जा रहे हैं। यह हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य है। हिन्दू धर्म में देवी-देवताओं को सर्वोच्च आदर का स्थान प्राप्त है। ऐसे में उनके नामों का उपयोग मद्यविक्रय व्यवसाय के लिए करने से देवी-देवताओं का अपमान होता है तथा समाज में भी गलत संदेश जाता है।
सरकार को मद्यविक्रय की दुकानों को हिन्दू देवी-देवताओं के नाम उपयोग करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए तथा जिन दुकानों के नाम वर्तमान में ऐसे हैं, उन्हें तुरंत बदलने के निर्देश दिए जाने चाहिए। भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न हों, इसके लिए कठोर कानून बनाया जाए।








