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धर्मांतरण, मानसिक दबाव और यौन शोषण : नासिक TCS मामले में पीडितों के सनसनीखेज आरोप

‘हिंदू लड़कियों को फंसाओ, शादी करो’, गवाहों ने खोले कई चौंका देनेवाले राज

नासिक – महाराष्ट्र के नासिक स्थित टीसीएस कार्यालय से जुड़े कथित धर्मांतरण और उत्पीड़न प्रकरण में अब पीड़ित कर्मचारियों की आपबीती सामने आने लगी है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस जांच के अनुसार, कई कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि, उन्हें पहले दोस्ती और भावनात्मक सहायता के नाम पर करीब लाया गया, फिर धीरे-धीरे उन पर धार्मिक प्रभाव डालने का प्रयास किया गया।

हिन्दू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियां

पीड़ितों के अनुसार, कुछ आरोपित कर्मचारी हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते थे और इस्लामी रीति-रिवाज अपनाने के लिए मानसिक दबाव बनाते थे। कुछ शिकायतों में आरोप है कि कर्मचारियों से नमाज पढने, रमजान के दौरान रोजा रखने और खान-पान की आदतें बदलने के लिए कहा जाता था। ट्रेनिंग के दौरान जब ‘टारगेट’ परेशान होता था, तो HR मैनेजर निदा खान उनसे संपर्क करती और धीरे-धीरे उनका विश्वास जीत लेती थी। यह भी खुलासा हुआ कि नए कर्मचारियों को अपनी लाइफस्टाइल और कपडे पहनने की आदतें बदलने के लिए मजबूर किया जाता था। उन्होंने आगे कहा कि, ‘टारगेट’ में से एक पर इतना प्रभाव हुआ कि उसने अपने परिवार से झगड़ा किया और अपने घर से हिंदू देवताओं के सभी चित्र हटा दीं।

नीजी जीवन से संबंधित प्रश्न पूछकर जानकरी लेने का प्रयास

एक पीडित कर्मचारी ने जांच एजेंसियों को बताया कि, शुरुआत में आरोपितों ने स्वयं को “केवल मदद करने वाला मित्र” बताया। बाद में निजी जीवन, विवाह और धर्म से जुडे प्रश्न पूछे जाने लगे। विरोध करने पर काम से निकालने की धमकी, अतिरिक्त काम देना और मानसिक दबाव बनाने के आरोप भी लगाए गए हैं।

महिला कर्मचारियों का शारिरीक शोषण

कुछ महिला कर्मचारियों ने यौन उत्पीडन, अनुचित स्पर्श और अश्लील टिप्पणियों के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। एफआईआर के अनुसार, कई महिला कर्मचारियों ने शिकायत की है कि आरोपित सहकर्मियों द्वारा उनके साथ अनुचित तरीके से छूने की अनेक घटनाएं हुईं। हिन्दू महिलाओं का आरोप है कि बैठकों के दौरान कुछ आरोपी लगातार उनके शरीर, विशेषकर छाती की ओर घूरते थे तथा उनके शरीर और निजी जीवन को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते थे।

शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आरोपी बातचीत या सामान्य संपर्क के बहाने जानबूझकर उनके हाथ और पैरों को स्पर्श करते थे। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि कुछ मामलों में पीड़िताओं की स्पष्ट असहजता के बावजूद आरोपी जबरन शारीरिक निकटता बनाने का प्रयास करते थे। कुछ महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यालय परिसर में उनका पीछा किया जाता था, लगातार घूरा जाता था और अनुचित प्रस्ताव दिए जाते थे।

वहीं एक अन्य महिला ने आरोप लगाया कि, आपत्ति जताने के बावजूद आरोपी लगातार अनुचित नजदीकियां बढ़ाने और अश्लील बातचीत करने का प्रयास करता रहा।

तौसीफ अत्तार नाम के कर्मचारी ने शादी का झूठा वादा कर एक हिन्दू युवती के साथ शारीरिक संबंध स्थापित करने का आरोप है।

जबरन मांसाहारी भोजन तथा धर्म परिवर्तन का दबाव

उन्होंने आगे कहा कि, उनकी इच्छा के विरुद्ध मांसाहारी भोजन का सेवन करने के लिए उन पर दबाव बनाने का प्रयास किया जाता था । साथ ही उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने का प्रयास किया गया।

आर्थिक, पारिवारीक समस्या होनेवाले कर्मचारियों को बनाया निशाना

जांच में यह भी सामने आया है कि आर्थिक, पारिवारीक समस्या होनेवाले या भावनात्मक रूप से कमजोर कर्मचारियों को विशेष रूप से निशाना बनाया जाता था। आरोपी एक ट्रेनिंग टीम का हिस्सा थे और उनके पास नए कर्मचारियों के बारे में विस्तृत जानकारी थी। नौकरी और करियर सहायता के नाम पर विश्वास जीतकर बाद में इस्लामिक प्रभाव बढाने का प्रयास किया जाता था। 

‘हिंदू लड़कियों को फंसाओ, अपनी गर्लफ्रेंड बनाओ’

एक गवाह ने आरोप लगाया है कि कुछ आरोपी दूसरे कर्मचारियों को जाकर हिंदू लड़कियों से शादी करने के लिए उकसाते थे। नासिक कार्यालय के एक कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी ने बताया कि वे कहते थे, ‘जाओ, हिंदू लड़कियों को फंसाओ, अपनी गर्लफ्रेंड बनाओ और उनसे शादी करो।’ वे कहते थे, ‘अपना धर्म बदल लो’ और अपने धर्म के बारे में बातें करते थे। उन्होंने कहा कि उन्हें पैसे भी दिए जाते थे। यह 2021 से चल रहा था। TCS की HR मैडम निदा खान को भी पैसे दिए गए थे।

TCS में छह साल से काम कर रही एक युवती ने आपबीती बताई। उसने कहा कि उसका ट्रांसफर नासिक ऑफिस में कर दिया गया था और फिर उसे मुख्य बिल्डिंग से अलग, छत पर बने टेरेस पर अकेले काम करने के लिए कहा गया। एनडीटीवी से बातचीत में उसने कहा, मुझे छत पर अकेले काम करने के लिए कहा गया, और मेरा फ़ोन और बैग ज़ब्त कर लिया गया। जब भी मैं वॉशरूम जाने या किसी और काम से नीचे आती थी, तो सुरक्षा या किसी और बहाने से मेरा मोबाइल फ़ोन, बैग और सारा निजी सामान ज़ब्त कर लिया जाता था। हमने देखा है कि कंपनी में काम करने वाले कई युवा कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा था। उनका ब्रेनवॉश किया जा रहा था।

कर्मचारी ने बताया कि 20 से 25 साल की युवा महिलाओं को आसान शिकार माना जाना था। उन्हें लगता था कि इन्हें फंसाना आसान होगा। अगर आपको कोई शिकायत होती है, तो आप अपने HR के पास जाते हैं। लेकिन यहां तो HR भी इनसे मिली हुई थी। लड़की ने कहा कि भगवान का शुक्र है कि मैं बच गई, वरना आज मेरे साथ भी वही होता। 

इस्लाम का प्रभाव बनाकर मलेशिया भेजनी की योजना

HR निदा खान की एक पीडिता पर इस्लाम का प्रभाव बनाकर उसका नाम बदलकर हानिया रखने की योजना थी और उसे मलेशिया भेजने की भी योजना थी। साथ ही वह शिकायतकर्ता को धर्म परिवर्तन के लिए मनाती रही। उसने यह भी आरोप लगाया कि निदा खान ने शिकायतकर्ता को चेतावनी दी कि यदि वह धर्म परिवर्तन नहीं करती है तो उसके परिवार पर विपत्ति आएगी।

हिजाब पहनने की ट्रेनिंग देती थी निदा खान

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले की जांच कर रहे अधिकारी ने बताया कि निदा खान ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता को उसके घर पर नमाज पढ़ने और हिजाब पहनने की ट्रेनिंग भी दी थी। निदा खान ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता के मोबाइल फोन में इस्लामी एप्लिकेशन भी इंस्टॉल किए और उसके साथ धार्मिक चीजें शेयर की। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि वह अनुसूचित जाति से है, जिसके बाद पुलिस ने एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।

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