गोमाता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिया जाए! – प्रशासन को ज्ञापन

देशभर में गोसंवर्धन और गोसंरक्षण के लिए जनजागृति करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘गो सम्मान आवाहन अभियान’ के अंतर्गत महाराष्ट्र में विविध स्थानों पर तहसीलदारों को विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया है। इस ज्ञापन के माध्यम से महाराष्ट्र राज्य में गौवंश के संरक्षण, संवर्धन तथा गोहत्या के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की गई है। यह ज्ञापन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल तथा राज्य के मुख्यमंत्री को भी भेजा गया है।
इस ज्ञापन में कहा गया है कि,
1. भारतीय संस्कृति में गोमाता के महत्व को रेखांकित करते हुए केंद्र सरकार से ठोस नीतिगत कदम उठाने की मांग की गई है। भारतीय संस्कृति में गोमाता को श्रद्धा और जीवनशैली का केंद्र माना जाता है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि और पर्यावरणीय संतुलन में गायों का विशेष महत्व बताया गया है।
2. वर्तमान समय में भूजल की कमी, प्रदूषण, वध (कत्तल) और अन्य कारणों से गौवंश संकट में है। उनके संरक्षण के लिए एक समान राष्ट्रीय नीति की आवश्यकता बताई गई है। साथ ही भारतीय संविधान के अनुच्छेद 48 के अनुसार राज्य को गौवंश संरक्षण हेतु आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
3. इस संदर्भ में देशभर में गोसंवर्धन के लिए प्रभावी उपाय लागू करना, गौवंश वध पर रोक हेतु कठोर कार्रवाई करना और गोसंरक्षण को कानूनी मजबूती देना—ये प्रमुख मांगें रखी गई हैं। गौवंश को कानूनी व्यक्ति (Legal Entity) का दर्जा देने पर विचार करने तथा गोसंवर्धन और संरक्षण के लिए एक अलग केंद्रीय गोवंश मंत्रालय स्थापित करने की मांग भी की गई है, जिससे पूरे देश में एक समान नीति लागू करना आसान होगा और संरक्षण अधिक प्रभावी बन सकेगा।
4. इस अभियान में संत समाज, गोभक्त और विभिन्न सामाजिक संगठनों की भागीदारी का उल्लेख किया गया है। देश के सभी नागरिकों से इस अभियान में शामिल होकर गोसंरक्षण के कार्य को समर्थन देने का आह्वान किया गया है।
गोवा

डिचोली – ‘गो सम्मान आवाहन के अंतर्गत 27 अप्रैल और 27 जुलाई को भारत सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
माननीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को भी यह ज्ञापन भेजा जाएगा।

गोवा में 27 अप्रैल को फोंडा और डिचोली में गोप्रेमियों ने उपजिलाधिकारियों को ज्ञापन दिया। डिचोली में उपजिलाधिकारी शुभम नाईक को ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर मये की गोशाला के संचालक कमलाकांत तारी और उद्योगपति रमाकांत शेट्ये सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
फोंडा में श्री झरेश्वर देवस्थान से उपजिलाधिकारी कार्यालय तक गोप्रेमियों ने ढोल-ताशों के साथ दो गौवंशों की शोभायात्रा निकाली और उसके बाद उपजिलाधिकारी कौशिक आमोणकर को ज्ञापन सौंपा।
सिंधुदुर्ग

वेंगुर्ला – ‘गो सम्मान आवाहन अभियान’ के अंतर्गत तालुका के गोपालकों और गोप्रेमियों ने 27 अप्रैल को तहसीलदार ओंकार ओतारी को ज्ञापन दिया। इस अवसर पर बाबूराव खवणेकर, गिरीश फाटक, प्रसन्ना देसाई, सुहास गवंडळकर, अधिवक्ता सुषमा प्रभुखानोलकर, दिना आचार्य, गौरी मराठे, नितीन लिंगोजी सहित अनेक गोप्रेमी उपस्थित थे।
अभियान के उद्देश्य को बताते हुए बाबूराव खवणेकर ने कहा कि गोमाता की रक्षा और उसे ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाने के लिए यह अभियान पूरे देश में चलाया जा रहा है। यह ज्ञापन प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भेजा गया है।

इसी क्रम में कुडाल शहर में 27 अप्रैल को साईं मंदिर, हिंदू कॉलोनी से तहसील कार्यालय तक शोभायात्रा निकाली गई। इसके बाद कुडाल के नायब तहसीलदार अमरसिंह जाधव को विभिन्न मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।
राजापुर
राजापुर में विश्व हिंदू परिषद की सौ. माधवी हर्डीकर, हिंदू जनजागृति समिति के विनोद गादीकर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राजेंद्र कुशे, हिंदवी स्वराज्य प्रतिष्ठान के महेश मयेकर, भाजपा के मोहन घुमे, नगरसेविका सौ. नार्वेकर, नगरसेवक दिलीप अमरे, डॉ. पाध्ये, रघुवीर बापट सहित अनेक गोमाता-प्रेमी हिंदू उपस्थित थे।

दापोली
दापोली में यह ज्ञापन देते समय मिलिंद शेट, सचिन गायकवाड़, प्रमोद पांगारकर, राकेश भांबिड, सुनंदन भावे, रोहन केळसकर, प्रदीप शेट, सुरेश रेवाळे, संतोष गवळी, ओमकार वेल्हाळ, सुजल जायसवाल आदि गोरक्षक उपस्थित थे।









