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‘लेंसकार्ट’ ने मांगी क्षमा !

  • देशभर के हिन्दुओं के संगठित विरोध का परिणाम 

  • नए दिशानिर्देशों में कर्मचारियों को धार्मिक प्रतीक धारण करने की अनुमति !

नई दिल्ली : चश्मा बेचनेवाली रिटेल कंपनी ‘लेंसकार्ट’ ने अंततः क्षमा मांग ली है । इस कंपनी ने हिन्दू कर्मचारियों को धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रतीक धारण करने पर प्रतिबंध लगा दिया था, जबकि मुस्लिमों को इसकी अनुमति दी गई थी । इस भेदभाव के विरुद्ध देशभर में हुए भारी विरोध के उपरांत अब कंपनी ने क्षमा याचना की है । साथ ही, अब हिन्दू कर्मचारियों को भी धार्मिक प्रतीक उपयोग करने की अनुमति देने की घोषणा की है ।

कंपनी ने ‘X’ (ट्विटर) पर जारी वक्तव्य में कहा :

१. ग्राहकों एवं समाज की चिंताओं को दूर करने के लिए हम अपने दिशानिर्देशों को सार्वजनिक एवं पारदर्शी बना रहे हैं । नई नीति के अंतर्गत कर्मचारियों को उनकी श्रद्धा से जुडे सभी प्रतीक जैसे – बिंदी, तिलक, कुंकुम, कलाई पर कलावा (धागा), मंगलसूत्र, कडा, हिजाब एवं पगडी धारण करने की स्वीकृति दी गई है । यदि हमारे कार्यस्थल से संबंधित किसी भी संवाद के कारण कोई आहत हुआ है या उसे लगा है कि उसकी आस्था का सम्मान नहीं किया गया, तो हमें इसके लिए गहरा खेद है । यह लेंसकार्ट की पहचान नहीं है तथा न कभी होगी ।

२. बयान में आगे कहा गया है कि इस कंपनी की २,४०० से अधिक शाखाएं ऐसे लोगों द्वारा संचालित की जाती हैं, जो अपनी श्रद्धा एवं परंपराओं के साथ काम करते हैं । लेंसकार्ट भारत में जन्मी, भारतीयों द्वारा एवं भारतीयों के लिए चलाई जानेवाली कंपनी है । भविष्य में हमारी प्रत्येक नीति, प्रशिक्षण सामग्री एवं संवाद समावेशी मूल्यों को दर्शाएंगे तथा हम ग्राहकों का विश्वास बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे ।

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