मंत्रोच्चार या पूजा के समय जूते उतारना हिंदू धर्म का मूल नियम है। इसका पालन करने को भी इच्छुक न होने वाला कोई ‘आईएएस’ अधिकारी यदि भारत के किसी महत्वपूर्ण देवस्थान का प्रशासक हो, तो यह अत्यंत आक्रोशजनक है! ऐसे अधिकारियों को तत्काल निलंबित ही करना उचित होगा ! – सम्पादक, हिन्दुजागृति

जम्मू : श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के CEO सचिन कुमार वैश्य आईएएस का एक वीडियो सामने आया है, जिसके बाद उनकी आलोचना हो रही है। वह माता वैष्णो देवी से जुड़े एक संस्थान का उद्घाटन करने पहुंचे थे। पंडित जी मंत्र पढ रहे थे। आईएएस अधिकारी से जुते उतारकर संस्थान का फीता काटने को कहा गया तो वह भडक गए। उन्होंने कहा कि, वह इसीलिए नहीं आते हैं। इस पर वहां मौजूद लोगों के चेहरे उतर गए लेकिन वे आईएएस अधिकारी से कुछ नहीं कह सके।
सचिन कुमार वैश्य एजीएमयूटी कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। अभी वह श्री माता वैष्णों देवी श्राइन बोर्ड के सीईओ हैं। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड कटरा से जुड़े एक संस्थान के उद्घाटन के लिए सचिन कुमार वैश्य को आमंत्रित किया गया था। सारी तैयारियां कर ली गई थीं। सीईओ सचिन कुमार वैश्य यहां तेजी से चलकर आए। पंडित जी पूजा करा रहे थे। मंत्रोच्चारण हो रहा था। इस दौरान सचिन कुमार वैश्य को पंडित जी ने जूते उतारने को कहा। सचिन वैश्य तमतमा गए। उन्होंने कहा ‘जूते उतारने पड़ेंगे…मैं इसीलिए मैं इसमें नहीं आता।’
Meet IAS Sachin Kumar Vaishya who is earning his livelihood working as the CEO of the Shri Mata Vaishno Devi Shrine Board but he is not willing to even remove his shoes for the same. Such arrogant and entitled officers are a burden on tax payers money.pic.twitter.com/INf1yjhPFF
— NCMIndia Council For Men Affairs (@NCMIndiaa) April 7, 2026
लोगों ने कहा घमंडी
सचिन वैश्य के इस वीडियो पर उन्हें श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सीइओ पद से तत्काल हटाने की मांग होने लगी। एक यूजर ने लिखा कि मिलिए IAS सचिन कुमार वैश्य से, जो श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के CEO के तौर पर काम करके अपनी रोज़ी-रोटी कमा रहे हैं, लेकिन इसके लिए वे अपने जूते उतारने को भी तैयार नहीं हैं। ऐसे घमंडी और खुद को खास समझने वाले अधिकारी टैक्स देने वालों के पैसे पर एक बोझ हैं।
अवनीश सिन्हा नाम के यूजर ने लिखा कि भगवान से बड़ा साहब, सचिन कुमार वैश्य, अतिरिक्त सीईओ, श्री माता वैष्णोदेवी तीर्थस्थल, कटरा। साहब नाराज़ हो गए क्यों कि उन्हें पूजा में जूता खोलने कहा गया था। मोहत पांडेय ने लिखा कि विडंबना देखिए… जो व्यक्ति माता वैष्णो देवी की व्यवस्थाओं को संभालने का ज़िम्मेदार है, उसे माता के दरबार की बुनियादी परंपरा ही खटकने लगी। साहब को शायद ‘कुर्सी’ का कद ‘आस्था’ से बड़ा लगने लगा है।
बीजेपी युवा मोर्चा के नेता तांडव सिंह ने कहा कि ऐसी मानसिकता के व्यक्ति को चाहे वह किसी भी पद पर हो तत्काल प्रभाव से ट्रांसफर होना चाहिए और उसे व्यक्ति को यहां बिठाना चाहिए जो इसके लिए आया है उसका सम्मान कर सके भगवान का सम्मान कर सके माता वैष्णो देवी का सम्मान कर सके।








