
छत्रपति संभाजीनगर – वर्तमान समय में महिलाओं और युवतियों के साथ छेड़छाड़ तथा उन्हें परेशान करने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। ऐसी परिस्थितियों में युवतियों और महिलाओं का आत्मरक्षा के लिए स्वयं सक्षम होना समय की आवश्यकता है। यदि आत्मरक्षा के उपाय सीखे जाएं, तभी आज की प्रत्येक हिंदू युवती ऐसे संकटपूर्ण प्रसंगों से सुरक्षित निकलकर उनका सामना कर सकती है। इसी उद्देश्य से हिंदू जनजागृति समिति की ओर से छत्रपति संभाजीनगर जिले के नायगव्हाण गांव में एक दिवसीय ‘रोना नहीं, लड़ना है’ इस विषय पर ‘युवती शौर्यजागृति शिविर’ का आयोजन किया गया।

इस शिविर का अनेक हिंदू युवतियों ने लाभ लिया। शिविर का उद्देश्य, महिलाओं एवं युवतियों की वर्तमान स्थिति तथा उस पर उपायों के विषय में हिंदू जनजागृति समिति की कु. श्रुति शिरसाठ ने मार्गदर्शन किया। साथ ही श्री गणेश बागडे द्वारा कराटे एवं लाठी का प्रशिक्षण दिया गया।
शिविर के अंत में सहभागी युवतियों ने अपने मनोगत व्यक्त करते हुए कहा, “इस शिविर से हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है। अब तक हमारे भीतर लड़ने या प्रतिकार करने का आत्मविश्वास नहीं था; लेकिन इस शिविर से हमें आत्मरक्षा का प्रशिक्षण मिला और मानसिक रूप से भी हम सशक्त हुई हैं।”








