‘हात कातरो खांब’ का नाम बदलने के प्रस्ताव का मामला

पणजी – तथाकथित इतिहासकार डेल मिनेझिस ने 30 मार्च 2026 को अभिलेखागार एवं पुरातत्व विभाग के निदेशक को एक निवेदन देकर ‘हात कातरो खांबा’ का नाम बदलकर ‘पेलोरिन्हो नोवो’ करने का प्रस्ताव रखा है। इस पर राष्ट्रप्रेमी संगठन हिंदू रक्षा महाआघाड़ी ने कड़े शब्दों में विरोध दर्ज किया है। साथ ही गोवा सरकार से इन्क्विज़िशन का इतिहास जनसामान्य तक पहुंचाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण मांगें भी की हैं।
हिंदू रक्षा महाआघाड़ी ने अपने निवेदन में कहा है कि, पोर्तुगीजों और चर्च ने गोवा में अपना शासन मजबूत करने के लिए 251 वर्षों तक तथाकथित होली इन्क्विज़िशन के माध्यम से हिंदुओं पर अमानवीय अत्याचार किए। ओल्ड गोवा क्षेत्र में स्थित ‘हात कातरो खांब’ उस अत्याचार का एकमात्र शेष साक्षी है। इसे हटाने की मांग करने वाले तथाकथित इतिहासकारों का उद्देश्य गोवा में पोर्तुगीजों द्वारा किए गए अत्याचारों के सभी प्रमाण समाप्त करना प्रतीत होता है।
संगठन ने यह भी कहा कि गोवा में कुछ लोग पोर्तुगीज शासन को दयालु दिखाने के लिए पुस्तकें लिख रहे हैं और इतिहास को बदलने का प्रयास कर रहे हैं।

पोर्तुगीज काल में हिंदुओं और धर्मांतरित नवख्रिस्तियों को धर्म के नाम पर कठोर यातनाएं दी जाती थीं। ओल्ड गोवा के चर्च परिसर में स्थित ‘पैलेस ऑफ इन्क्विज़िशन’ (जिसे ‘वडले घर’ भी कहा जाता था) में लगभग 200 यातना कक्ष थे। यहां बंदियों को अमानवीय यातनाएं दी जाती थीं और जिन्हें मृत्युदंड दिया जाता था, उन्हें जलाने से पहले ‘आव्तो द फे’ नामक जुलूस में पूरे क्षेत्र में घुमाया जाता था।
इसी प्रकार ओल्ड गोवा के सै कैथेड्रल चर्च के सामने स्थित उद्यान के नीचे एक कथित ‘वेल ऑफ बोन्स’ (हड्डियों का कुआं) होने का भी उल्लेख किया गया है, जहां इन्क्विज़िशन के दौरान मारे गए लोगों के अवशेष दफन किए गए थे। जब पुरातत्व विभाग ने यहां उत्खनन का प्रयास किया था, तब चर्च के विरोध के कारण तत्कालीन सरकार ने उस पर रोक लगा दी थी।
ओल्ड गोवा का पूरा चर्च क्षेत्र आज भी केंद्र सरकार के पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) के नियंत्रण में है और इन ऐतिहासिक स्थलों से संबंधित अनेक दस्तावेज एवं संदर्भग्रंथ उपलब्ध हैं।
हिंदू रक्षा महाआघाड़ी की प्रमुख मांगें
- हात कातरो खांब को इन्क्विज़िशन क्षेत्र (ओल्ड गोवा) में सुरक्षित और सार्वजनिक रूप से दिखाई देने वाले स्थान पर रखा जाए, क्योंकि यह उस काल का महत्वपूर्ण साक्ष्य है।
- पैलेस ऑफ इन्क्विज़िशन के स्थान पर इन्क्विज़िशन पीड़ितों की स्मृति में एक भव्य स्मारक बनाया जाए।
- कुख्यात ‘आव्तो द फे’ मार्ग को ठीक कर उस पर ऐतिहासिक जानकारी देने वाले सूचना फलक लगाए जाएं।
- सै कैथेड्रल चर्च के सामने स्थित कथित हड्डियों के कुएं की खुदाई कर उसे संरक्षित किया जाए तथा वहां उचित सुरक्षा व्यवस्था और जानकारी देने वाला स्थायी फलक लगाया जाए।
हिंदू रक्षा महाआघाड़ी ने गोवा सरकार से आग्रह किया है कि गोवा का वास्तविक इतिहास पर्यटकों और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचे, इसके लिए इन मांगों को शीघ्र स्वीकार किया जाए।








