नागपुर और गोवा में हुई शिकायतों को सुराज्य अभियान ने दिया समर्थन

नागपुर / पणजी : आज अहमदाबाद में भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच होने वाले टी-20 विश्व कप 2026 के फाइनल मैच की पृष्ठभूमि में देश में 10,000 करोड रुपये के अवैध सट्टा-रॅकेट का खुलासा हो रहा है। हाई-टेक ऐप्स व ऑफशोर सर्वरों से यह घोटाला संचालित हो रहा है। रायबंदर, पणजी के जागरूक नागरिक श्री दिलीप शेट्ये ने पणजी पुलिस कमिश्नर व पुलिस महानिदेशक को लिखित शिकायत दर्ज कराई है। नागपुर में एक जागरूक नागरिक ने ई-मेल से शिकायत की है तथा इन शिकायतों को हिन्दू जनजागृति समिति ने खुला समर्थन दिया है। इस मामले की विशेष जांच टीम (SIT) से उच्चस्तरीय जांच की मांग समिति ने की है।
#T20WorldCup2026final : ₹10,000 Cr Betting Scandal ! @SurajyaAbhiyan backs citizen complaints filed in Goa & Nagpur. We demand an immediate SIT probe & “Surgical Strike” on bookie hubs to save India’s image! @CMOMaharashtra @DGPMaharashtra @nagpurpolice @GoaPolice @HMOIndia pic.twitter.com/5M0p3Byu5X
— Surajya Abhiyan (@SurajyaAbhiyan) March 8, 2026
कुछ प्रमुख अख़बारों में इस सट्टेबाज़ी के बारे में रिपोर्ट प्रकाशित हुई हैं। वास्तव में, प्रशासन और पुलिस प्रणाली को संज्ञान लेकर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए थी। ‘सुराज्य अभियान’ का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर चल रही अवैध सट्टेबाज़ी भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को कमज़ोर कर रही है, जिससे भारतीय क्रिकेट की विश्वसनीयता भी खतरे में पड़ गई है। खेल के नाम पर चलने वाला यह सट्टा-जुआ कई निर्धारित लोगों के नियंत्रण में होता है, और अधिकारियों को यह भी मालूम होता है कि इनमें से कौन-कौन शामिल है।

‘सुराज्य अभियान’ ने मांग की है कि 10,000 करो के इस आंकडे की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन को तुरंत मीडिया से संपर्क करके इस जानकारी के स्रोत की जाँच करनी चाहिए और सट्टे-घरों के नियंत्रण कक्षों को ध्वस्त करना चाहिए। जब्त की गई रकम का उपयोग जनहित की योजनाओं के लिए किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार द्वारा मंजूर ‘ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025’ के तहत इस प्रकार की अवैध बेटिंग और उसकी सहायता को अज़मिनपात्र अपराध घोषित किया गया है; इस कानून के तहत कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और साइबर सेल को हवाला नेटवर्क और डिजिटल पेमेंट गेटवे को बंद करना चाहिए तथा स्थानीय बुकी और अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के बीच के संबंधों की जाँच के लिए राज्य स्तर पर विशेष जाँच दल (SIT) तत्काल बनाना आवश्यक है।
‘सुराज्य अभियान’ ने कहा, “देश और क्रिकेट की अंतरराष्ट्रीय बदनामी रोकने के लिए मैच समाप्त होने से पहले ही इस रैकेट पर घरेलू ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की जानी चाहिए।” प्रशासन में पारदर्शिता और राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए ‘सुराज्य अभियान’ इस मामले की निगरानी और पीछा करता रहेगा।








