हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति के निवेदन का परिणाम

रत्नागिरी — जिला सरकारी अस्पताल की इमारतों पर कुछ दिनों पहले मुस्लिम संस्थाओं द्वारा अनधिकृत रूप से धार्मिक बोर्ड लगाए गए थे। इस संबंध में हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति ने अस्पताल प्रशासन को निवेदन दिया था। इसे ध्यान में रखते हुए अस्पताल प्रशासन ने ये बोर्ड तुरंत हटा दिए हैं। बोर्ड हटाए जाने का लिखित पत्र भी रत्नागिरी शहर पुलिस स्टेशन की ओर से समिति के कार्यकर्ताओं को दिया गया है।
- जिला सरकारी अस्पताल (रत्नागिरी) के परिसर और इमारतों की दीवारों पर “इफ्तारी का इंतजाम”, “सेहरी का इंतजाम किया जाएगा” ऐसे संदेश वाले बोर्ड यंग मेमन वेल्फेयर फाउंडेशन और अरमान ग्रुप, रत्नागिरी नामक मुस्लिम संस्थाओं ने संपर्क नंबर सहित कुछ दिन पहले लगाए थे।
- सरकारी नियमों और भारतीय संविधान के धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों के अनुसार किसी भी सरकारी कार्यालय या अस्पताल परिसर में किसी विशेष धर्म का प्रचार करने वाले या धार्मिक कार्यक्रम से जुड़े बोर्ड लगाने की अनुमति नहीं है — यह बात हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति ने जिला अस्पताल प्रशासन के ध्यान में लाई।
समिति की थी कि, “इन फलकों को तुरंत हटाया जाए और लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए”।

यह मांग उन्होंने शासकीय मेडिकल कॉलेज व जिला सामान्य अस्पताल रत्नागिरी के अधिष्ठाता डॉ. जयप्रकाश रामानंद, जिलाधिकारी मनुज जिंदल और जिला पुलिस अधीक्षक नितीन बगाटे को दिए गए निवेदन में की थी। इसके बाद अधिष्ठाता डॉ. जयप्रकाश रामानंद ने तुरंत बोर्ड हटाने का आदेश दिया और बोर्ड हटा दिए गए।

अस्पताल में कार्यरत सुरक्षा कर्मचारियों को भी कड़े निर्देश दिए गए कि, “भविष्य में ऐसे बोर्ड दोबारा न लगाए जाएं और ऐसी घटना फिर न हो।”
इस संबंध में रत्नागिरी शहर पुलिस स्टेशन के हेड कॉन्स्टेबल संतोष सावंत ने हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति के श्री प्रभाकर खानविलकर को लिखित पत्र दिया।
22 फरवरी
सरकारी अस्पताल में लगाए गए अनधिकृत धार्मिक फलक हटाने की मांग, हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति ने दी आंदोलन की चेतावनी

रत्नागिरी — जिला शासकीय अस्पताल की इमारतों पर कुछ मुस्लिम संस्थाओं द्वारा लगाए गए अनधिकृत फलक तुरंत हटाए जाएं और संबंधितों पर कार्रवाई की जाए, अन्यथा बड़े स्तर पर आंदोलन छेडा जाएगा तथा इस स्थिति के लिए जिला शासकीय अस्पताल प्रशासन जिम्मेदार रहेगा, ऐसी चेतावनी हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति ने अपने निवेदन के माध्यम से दी है।
यह निवेदन शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय एवं जिला सामान्य अस्पताल, रत्नागिरी के अधिष्ठाता डॉ. जयप्रकाश रामानंद को दिया गया। साथ ही निवासी उपजिल्हाधिकारी चंद्रकांत सूर्यवंशी तथा जिला पुलिस अधीक्षक नितीन बगाटे को भी निवेदन सौंपा गया।
निवेदन देते समय हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति के संजय जोशी, प्रभाकर खानविलकर, गणपत निवळकर, छगनलाल चौहान, संजय पावसकर, बाबू पवार, गोविंद भारद्वाज आदि उपस्थित थे।
निवेदन में कहा गया है कि,
- जिला शासकीय अस्पताल सभी धर्मों के मरीजों के लिए एक सार्वजनिक अस्पताल है। शासकीय नियमों तथा भारतीय संविधान के धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों के अनुसार किसी भी शासकीय कार्यालय या अस्पताल परिसर में किसी विशिष्ट धर्म का प्रचार करने वाले या धार्मिक गतिविधि से संबंधित फलक लगाने की अनुमति नहीं है।
- इसके बावजूद अस्पताल परिसर तथा इमारतों की दीवारों पर “इफ्तारी का इंतजाम” और “सेहरी का इंतजाम किया जाएगा” जैसे संदेशों वाले फलक लगाए गए हैं।
- ये फलक यंग मेमन फाउंडेशन और अरमान ग्रुप द्वारा जानबूझकर लगाए गए प्रतीत होते हैं, जिससे धार्मिक तनाव उत्पन्न हो सकता है।
इसलिए इन विशेष धार्मिक स्वरूप वाले फलक तुरंत हटाए जाएं और उन्हें लगाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। साथ ही इस पर ध्यान न देने वाले अस्पताल के संबंधित कर्मचारी और अधिकारियों को भी निलंबित किया जाए।
डॉ. जयप्रकाश रामानंद ने कहा, “ऐसे फलक लगाना अनुचित है। ये बिना पूर्व अनुमति के अनधिकृत रूप से लगाए गए हैं और इन्हें हटाने के आदेश दिए जा रहे हैं।”
“अनधिकृत फलक हटाकर संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी।” – उपजिल्हाधिकारी चंद्रकांत सूर्यवंशी का आश्वासन








