महाराष्ट्र बोर्ड का निर्णय
सीटीइटी परीक्षा में हिन्दू महिलाओं के उतारे थे मंगलसूत्र; परीक्षा में धर्म आधारित अलग नियम क्यों ?

महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा मंडल (छत्रपति संभाजीनगर विभागीय मंडल) ने आगामी बोर्ड परीक्षाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण आधिकारिक पत्र जारी किया है। इस आदेश के अनुसार, फरवरी-मार्च 2026 में होने वाली कक्षा १०वीं (SSC) और 12वीं (HSC) की परीक्षाओं में मुस्लिम छात्राओं को बुर्का पहनकर परीक्षा देने की अनुमति दे दी गई है।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि, परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आवश्यकता पडने पर छात्राओं की जांच की जा सकती है। इसके लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जांच के लिए केवल महिला पुलिस अधिकारी या महिला शिक्षक कर्मचारियों की ही नियुक्ति की जाएगी।
प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि जांच के दौरान किसी की भी धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

किन जिलों में लागू होगा नियम?
यह आदेश विभागीय सचिव द्वारा जारी किया गया है, जो मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों के परीक्षा केंद्रों पर लागू होगा:
छत्रपति संभाजीनगर, जालना, बीड, परभणी, हिंगोली
यह निर्णय पिछले नियम और विभिन्न संगठनों द्वारा दिए गए ज्ञापनों के संदर्भ में लिया गया है। बोर्ड का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि, सभी छात्र बिना किसी मानसिक दबाव या बाधा के अपनी संस्कृति का पालन करते हुए शांतिपूर्ण माहौल में परीक्षा दे सकें।
वहीं दूसरी और 8 फरवरी को CTET परीक्षा में हिंदू महिलाओं के मंगलसूत्र उतरवाने का आदेश जारी किए गए थे जिसमें हिंदू महिलाओं के मंगलसूत्र उतारे गए थे । इसे लेकर हिंदू संगठनाए आक्रामक हुई और उन्होंने दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही के लिए जिलाधिकारी को ज्ञापन भी प्रस्तुत किया था।








