अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से 77 लाख 46 हजार रुपये का अपहार !

अहिल्यानगर – शनिशिंगणापूर स्थित श्री शनैश्चर देवस्थान के ऑनलाइन दर्शन और पूजा ऐप में हुए गबन प्रकरण की जांच पूर्ण कर साइबर पुलिस ने नेवासा न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया है। जांच में स्पष्ट हुआ है कि देवस्थान की अधिकृत अनुमति प्राप्त ऐप के माध्यम से ही यह अपहार किया गया। इस प्रकरण में लगभग 77 लाख 46 हजार 341 रुपये के गबन का खुलासा हुआ है तथा 9 संदिग्ध आरोपियों के विरुद्ध आरोपपत्र प्रस्तुत किया गया है।
प्रकरण के मुख्य बिंदु
पुलिस द्वारा जांच प्रारंभ किए जाने के बाद देवस्थान के तत्कालीन अधिकारी-कर्मचारियों ने ऐप संचालकों को दिए गए अनुमति पत्रों को पुनः तैयार कर कर्मचारियों के बैंक खातों में आई राशि के संबंध में स्पष्टीकरण देने का प्रयास किया।
कर्मचारी संजय पवार ने ऐप प्रबंधन देखने वाले व्यक्ति को कथित रूप से धमकाकर नकली अनुमति पत्र और हिसाब पुलिस को प्रस्तुत करने के लिए बाध्य किया। साथ ही स्वयं के हस्ताक्षर से पूजा की अनुमति देने का मामला सामने आया।
संपूर्ण प्रकरण से यह स्पष्ट हुआ कि देवस्थान के अधिकारी और कर्मचारियों ने मिलकर गबन की योजना बनाई तथा श्रद्धालुओं की आस्था का दुरुपयोग किया।
देवस्थान के ट्रस्टी, अधिकारी, कर्मचारी, पुजारी और ऐप मालिकों से संबंधित लगभग 100 बैंक खातों की विस्तृत जांच के बाद यह गबन उजागर हुआ। प्रारंभिक दावा लगभग 500 करोड़ रुपये तक के अपहार का भी किया गया था।
यह प्रकरण विधानमंडल में उठाए जाने तथा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आदेश के बाद जांच में तेजी आई।
जांच में यह भी सामने आया कि जिन ऐप्स को देवस्थान की अनुमति नहीं थी, उनके माध्यम से ऑनलाइन पूजा बुकिंग नहीं हुई थी। देवस्थान ने ‘देवधाम’, ‘श्रीमंदिर’, ‘उत्सव’, ‘वामा’ और ‘शेमारू’ नामक 5 ऐप्स को ऑनलाइन पूजा एवं लाइव दर्शन के लिए अधिकृत अनुमति प्रदान की थी।








