यूथ फॉर पनुन कश्मीर (Y4PK) की वैश्विक पहल; ‘महाअभियान संघर्ष समिति’ के बैनर तले अभियान शुरू

कश्मीरी हिंदुओं के लिए न्याय की माँग करते हुए एक बड़ा हस्ताक्षर अभियान (Mass Signature Campaign) शुरू किया गया है। यह अभियान दुनिया भर के हिंदुओं से अपील करता है कि वे कश्मीर के मूल निवासी हिंदुओं के अधिकारों के लिए एकजुट हों। कश्मीरी हिंदू पिछले तीन दशकों से अधिक समय से अपनी मातृभूमि, सुरक्षा, सम्मान और संवैधानिक अधिकारों से वंचित हैं।
यह पहल ‘महाभियान संघर्ष समिति’ के नाम से चलाई जा रही है, जो ‘यूथ फॉर पनुन कश्मीर’ (Y4PK) का एक वैश्विक प्रयास है। यह एक ऐसा मंच है जो सभी कश्मीरी हिंदुओं और हिंदू संगठनों को बिना किसी भेदभाव के एक साथ लाता है, ताकि अपनी माँगों को मजबूती से रखा जा सके।
MASS SIGNATURE APPEAL
— HinduJagrutiOrg (@HinduJagrutiOrg) February 2, 2026
(A Y4PK global initiative)
Namaskar,
Let us today stand for a civilisational call for justice.
For over three decades, the aboriginal #Hindus of #Kashmir have been denied their Homeland, security, dignity, and constitutional rights. Time has passed, but… pic.twitter.com/gWHllyASUY
इस अभियान का उद्देश्य कानून के दायरे में और तय समय के भीतर न्याय पाना है। आयोजकों का कहना है कि न्याय में देरी करना अपने आप में एक बड़ा अन्याय है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर एक हस्ताक्षर इस आवाज को ताकत देगा और हिंदुओं की एकता और संकल्प को दुनिया के सामने रखेगा।
इस अभियान के माध्यम से हजारों लोग मुख्य रूप से ये माँगें कर रहे हैं:
- पनुन कश्मीर को एक अलग केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory) बनाया जाए और विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं को वहां स्थायी रूप से बसाया जाए।
- संसद में कश्मीरी हिंदू नरसंहार को मान्यता दी जाए और दोषियों को सजा देने के लिए एक प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।
- प्रभावित परिवारों को उचित सहायता, रोजगार के अवसर और आर्थिक न्याय दिया जाए।
- पीड़ितों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सहायता सुनिश्चित की जाए।
- उन बुजुर्गों और युवाओं को न्याय और मुआवजा दिया जाए, जिन्होंने विस्थापन के कारण अपना कीमती समय और अवसर खो दिए हैं।
- भारत सरकार इन सभी माँगों को पूरा करने के लिए एक समय सीमा तय करे और लिखित में भरोसा दे।
यह अपील भारत सरकार को एक कड़ा संदेश देती है कि कश्मीर के मूल निवासी हिंदू अपनी जायज माँगों पर एकजुट हैं और अब और अधिक देरी उन्हें स्वीकार नहीं है। आयोजकों ने इसे कर्तव्य की पुकार बताते हुए दुनिया भर के हिंदुओं से इस अभियान में शामिल होने का आग्रह किया है।








