Menu Close

मलंगगढ (जिला ठाणे) में मुसलमान संगठन द्वारा अवैध रूप से चंदा संग्रह

  • वक्फ पंजीकरण निरस्त होने के बाद भी संगठन द्वारा चंदा एकत्र किया ।

  • स्वयंघोषित ट्रस्टियों पर धोखाधडी की घटना प्रविष्ट करने की मांग ।

ठाणे – श्री पीर हाजी मलंग साहेब दरगाह ट्रस्ट (ई-६०) का वक्फ पंजीकरण १३ मार्च २०२५ को वक्फ न्यायालय द्वारा निरस्त कर दिया गया था । इसके बाद भी श्री मलंगगढ़ पर आज भी चंदा एकत्र किया जा रहा है । स्वयंघोषित ट्रस्टी पुराने वक्फ क्रमांक की रसीदों का उपयोग कर श्रद्धालुओं से पैसे ले रहे हैं । इस कारण श्रद्धालुओं का कहना है कि “यह केवल श्रद्धालुओं से धोखाधडी नहीं, अपितु कानून का प्रत्यक्ष उल्लंघन तथा आर्थिक हानि है ।”

इस प्रकरण में श्री मलंगगढ आंदोलन के कार्यकर्ता श्री समीर भंडारी एवं श्री पराग तेली ने हिललाइन पुलिस थाने में अभियोग प्रविष्ट कराया है ।

शिकायतकर्ताओं ने कहा कि—

 १ . वक्फ पंजीकरण निरस्त होने के बाद संबंधित ट्रस्ट संस्था को किसी भी प्रकार का चंदा स्वीकार करने का अधिकार नहीं है । इसके बाद भी यह गतिविधि होते रहना धर्मादाय आयुक्त, (charity commissioner) महाराष्ट्र शासन एवं न्यायालय के आदेशों की स्पष्ट अवहेलना है ।

२ .  पहले भी बार-बार शिकायत करने के बाद भी पुलिस द्वारा ठोस कार्यवाही न किए जाने से पुलिस प्रशासन की भूमिका पर संदेह उत्पन्न हो रहा है । क्या कार्यवाही न करना अप्रत्यक्ष समर्थन नहीं माना जाना चाहिए ?

 ३ . श्री मलंगगढ़ यात्रा के समय सहस्त्रों श्रद्धालु दर्शन हेतु आते हैं । ऐसे में इस अवैध चंदा संग्रह के माध्यम से श्रद्धा का दुरुपयोग किया जा रहा है । स्वयंघोषित ट्रस्टियों के विरुद्ध तत्काल जांच कर उन पर धोखाधडी का प्रकरण प्रविष्ट किया जाए ।

संपादकीय भूमिका

  • मलंगगढ़ की यह घटना कानून को खुली चुनौती देने जैसी है । न्यायालय के आदेश का उल्लंघन होते हुए भी निष्क्रिय रहने वाले पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाना चाहिए ।
  • कानून तोडने वालों को शीघ्र बंदी बनाकर उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाए, यही श्रद्धालुओं की अपेक्षा है ।

सन्दर्भ : सनातन प्रभात

Read more on Save Forts

Latest News