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सिंदगी (कर्नाटक) : वक्फ बोर्ड का दावा अस्वीकार; गुरुविरक्त मठ को मिली उसकी मूल भूमि वापस

अखंड संघर्ष आखिर सफल हुआ !

  • देशभर में हजारों एकड़ भूमि वक्फ बोर्ड ने अवैध रूप से कब्जे में ली है। क्या हर जगह इसी प्रकार वर्षों तक संघर्ष करना पड़ेगा ?
  • अब समय आ गया है कि वक्फ बोर्ड की इस अनियंत्रित व्यवस्था पर रोक लगाई जाए और भूमि उसके वास्तविक मालिकों को वापस की जाए। – सम्पादक, हिन्दुजागृति

सिंदगी (कर्नाटक) : वक्फ बोर्ड द्वारा कब्जे में रखी गई सिंदगी स्थित गुरुबसव विरक्त मठ की 1.30 एकड़ जमीन अब आखिरकार मठ को वापस मिल गई है। यह जानकारी गुरुबसव विरक्त मठ सेवा समिति के सचिव निंगप्पा गुरुबसवप्पा पट्टणशेट्टी ने पत्रकारों को दी।

१. विजयपुर जिले के सिंदगी शहर में सर्वे क्रमांक १०२० की १.२८ एकड़ भूमि राजस्व दस्तावेजों (RTC/पहानी) में कर्नाटक सुन्नी वक्फ बोर्ड की संपत्ति के रूप में दर्ज की गई थी।

२. पहले इस भूमि के स्वामित्व का रिकॉर्ड खाली था; परंतु वर्ष २०१८-१९ में इसे ‘कब्रस्तान वक्फ बोर्ड’ की संपत्ति घोषित कर दिया गया, जो पूरी तरह अवैध था। यह बात सामने आते ही मठ और भक्तों ने आंदोलन और कानूनी संघर्ष शुरू किया।

३. ११ महीनों तक चले विवाद, सुनवाई और संघर्ष के बाद न्यायालय ने निर्णय दिया कि इस भूमि का वक्फ बोर्ड से कोई संबंध नहीं है और भूमि मठ को वापस सौंपने का आदेश दिया।

४. सिंदगी मठ केवल धार्मिक स्थान नहीं, बल्कि शिक्षा क्षेत्र में एक प्रमुख संस्था है। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए मठ ने अनेक स्कूल-कॉलेज स्थापन किए हैं। बीड़गी स्थित ‘श्री गुरु कुमारेश्वर धार्मिक पाठशाला’ सहित कई संस्थानों में हजारों विद्यार्थियों ने शिक्षा प्राप्त की है।

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