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नवी मुंबई में आज भी हजारों श्रीगणेशमूर्तियों का विसर्जन बाकी, एचजेएस की दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

हिंदुओं की श्रद्धा का अपमान

मूर्तियों का तुरंत शास्त्रोक्त विसर्जन किया जाए – हिन्दू जनजागृति समिति की मांग

प्रतिकात्मक चित्र

गणेशोत्सव होकर तीन महीने हो रहे है, फिर भी नवी मुंबई महानगरपालिका ने श्रद्धालुओं से एकत्र की गई हजारों श्रीगणेशमूर्तियों का अब तक विसर्जन नहीं किया है, यह संतापजनक मामला सामने आया है। यह मूर्तिया पार्किंग तथा अन्य स्थानों पर धूल खाकर पड़ी हुई हैं, जिससे गणेशभक्तों में हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं का स्पष्ट अपमान हुआ है | इस संदर्भ में हिंदु जनजागृति समिति के महाराष्ट्र राज्य संगठक श्री. सुनील घनवट ने महानगरपालिका के आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे को लिखित निवेदन देकर संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों पर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। समिति की ओर से दिया गया यह निवेदन अतिरिक्त आयुक्त श्री. सुनील पवार ने स्वीकार किया है।

नवी मुंबई महानगरपालिका के अतिरिक्त आयुक्त श्री सुनील पवार को ज्ञापन देते हुए हिंदू जनजागृति समिति के प्रवक्ता डॉ. उदय धुरी

समिति ने कहा कि इसी प्रकार राज्य के अन्य महानगरपालिकाओं की सीमा में भी श्रीगणेश प्रतिमाओं का विसर्जन न होने की संभावना नकारता नहीं आती। इसलिए राज्य सरकार ने तत्काल हस्तक्षेप कर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं का विचार करते हुए एकत्रित सभी मूर्तियों का शास्त्रोक्त पुनर्विसर्जन करने के आदेश देने चाहिए, ऐसी मांग समिति ने की है।

इस वर्ष गणेशोत्सव के पहले ही दिन मुंबई महानगरपालिका द्वारा ठाणे जिले के डायघर क्षेत्र के डंपिंग ग्राउंड में कचरे के ढेर के पास सैकड़ों ट्रकों भर गणेश मूर्तिया फेंकने की घटना सामने आई थी। तब ग्रामस्थों के आंदोलन के बाद 150 से अधिक डंपर वापस लौटाए गए थे। इससे पहले भी पुणे, ठाणे, सातारा आदि जिलों में खाड़ी, नाले, खदानें और पुरानी कुए जैसी अनुपयुक्त जगहों पर मूर्तिया फेंकने की घटनाए हुई हैं। इन सभी घटनाओं के कारण गणेशभक्तों में भारी असंतोष निर्माण हुआ था और हिंदुओं की धार्मिक भावनाए आहत हुई थीं ।

हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. सुनील घनवट ने कहा, “श्रीगणेश मूर्तिया का शास्त्रोक्त विसर्जन न होना और उनका अपमान होना असहनीय है। प्रशासन को इस प्रकरण को गंभीरता से लेना चाहिए। भविष्य में ऐसी घटनाए न हों, इसके लिए विसर्जन के बाद एकत्रित मूर्तिया का निर्धारित पद्धति से विधिवत विसर्जन किया जाना चाहिए। साथ ही सरकार को हिंदू संगठनों, संतों और धर्माचार्यों की सलाह से धर्मसम्मत एवं श्रद्धा की रक्षा करनेवाली नीति बनाकर उसके अनुसार कार्यवाही करनी चाहिए। वर्तमान में जिन महानगरपालिकाओं के पास संकलित मूर्तिया पड़ी हैं, उनका तुरंत शुद्ध पद्धति से विसर्जन किया जाए और हिंदुओं की श्रद्धा का अपमान करने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।”

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