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मुंबई में ‘श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास’ द्वारा आयोजित सभा में हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा ‘अतिक्रमण मुक्त मंदिर’ विषय पर उद्बोधन

श्रीकृष्ण जन्मभूमिसहित देश के सभी मंदिरों को अतिक्रमणमुक्त करने हेतु हिन्दू तैयार हों ! – सतीश कोचरेकर, प्रवक्ता, हिन्दू जनजागृति समिति

बाईं ओर से पं. दिनेश फलाहारी महाराज, श्री. राजेंद्र सावंत, डॉ. उपेंद्र डहाके तथा बोलते हुए श्री. सतीश कोचरेकर

मुंबई – कौरवों ने पांडवों को ५ गांव भी नहीं दिए, उसके कारण महाभारत हुआ । हिन्दुओं के समझाने पर भी धर्मांध लोग अतिक्रमित मंदिर हिन्दुओं को सौंपने के लिए तैयार नहीं हैं । उसके कारण अब केवल श्रीकृष्ण जन्मभूमि ही नहीं, अपितु हिन्दुओं को देश के अतिक्रमित लाखों मंदिर पुनः प्राप्त कर लेने चाहिएं तथा हिन्दुओं को उसके लिए तैयार रहना चाहिए, ऐसा आवाहन हिन्दू जनजागृति समिति के प्रवक्ता श्री. सतीश कोचरेकर ने किया । ‘श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास’की ओर से वरली के जांभोरी प्रांगण में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए वे ऐसा बोल रहे थे । इस अवसर पर व्यासपीठ पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. दिनेश फलाहारी महाराज, अंतरराष्ट्रीय प्रचारक प्रियाकिशोरी भारद्वाज, राष्ट्रीय सहसंघटन महामंत्री डॉ. उपेंद्र डहाके एवं ‘रायगढ संवर्धन प्रतिष्ठान’के अध्यक्ष श्री. राजेंद्र सावंत आदि मान्यवर उपस्थित थे ।

श्री. सतीश कोचरेकर ने आगे कहा, ‘‘मदन मोहन मालवीय श्रीकृष्ण जन्मभूमिस्थल पर मंदिर का पुननिर्माण करने के लिए प्रयासरत थे; परंतु तत्कालिन कांग्रेस की सरकार ने वह होने नहीं दिया, यह इतिहास हिन्दुओं को ज्ञात होना चाहिए । श्रीरामजन्मभूमि के लिए हिन्दुओं को ५०० वर्ष संघर्ष करना पडा, उसकी भांति हिन्दुओं को अन्य मंदिरों के लिए भी संघर्ष करना पडेगा ।’’

हिन्दू जातिभेद एवं प्रांतभेद को बाजू में रखकर संगठित हों ! – राजेंद्र सावंत, अध्यक्ष, रायगढ संवर्धन प्रतिष्ठान

श्रीकृष्ण जन्मभूमि को अतिक्रमणमुक्त करने हेतु हिन्दू जातिभेद एवं प्रांतभेद छोडकर संगठित होना हों । इस महान कार्य के लिए ईश्वर हमें शक्ति देंगे । उसके लिए श्री नारायण महायज्ञ का आयोजन किया गया था । श्रीकृष्णजन्मभूमि पुनः प्राप्त करने हिन्दू तैयार हों ।

इस अवसर पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के राष्ट्रीय सहसंगठन महामंत्री डॉ. उपेंद्र डहाके एवं राष्ट्रीय संगठन महामंत्री श्री. शंकर वराडकर ने भी उपस्थित धर्मप्रेमियों का मार्गदर्शन किया ।


16 नवंबर

श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति हेतु 16 देशों में ‘श्री नारायण महायज्ञ’ का शुभारंभ : मुंबई में भी यज्ञ जारी

मुंबई – श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास की ओर से विश्व के 16 देशों में आज, 15 नवंबर से ‘श्री नारायण महायज्ञ’ का विधिवत प्रारंभ हुआ। मुंबई के वरली स्थित गांधी (जांभोरी) मैदान में भी इस महायज्ञ की शुरुआत हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष पू. दिनेश फलाहारी महाराज के मार्गदर्शन में यह महायज्ञ आयोजित किया जा रहा है। सुबह 10:30 बजे मंत्रोच्चार, आहुतियों और वैदिक विधानों के साथ यज्ञ प्रारंभ हुआ।

मुंबई में भी उमड़ा भक्तों और संगठनों का जनसैलाब

मुंबई के विभिन्न हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों के पदाधिकारियों ने यज्ञ में यजमानपद ग्रहण किया। यहां 11 यज्ञकुंडों के माध्यम से हवन संपन्न हुआ। यह महायज्ञ 15 और 16 नवंबर – दो दिनों तक निरंतर चलेगा।

इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख मान्यवरों में – राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री डॉ. उपेंद्र डहाके, मुंबई अध्यक्ष श्री प्रभाकर भोसले, महाराष्ट्र प्रदेशाध्यक्ष श्री शंकर वराडकर, राष्ट्रीय महामंत्री श्री पराग फडणीस, महिला प्रदेशाध्यक्ष सौ. अनघा बेडेकर, महाराष्ट्र संगठन महामंत्री श्री विशाल रोहणकर आदि सम्मिलित थे।


हिन्दू जनजागृति समिति के द्वारा भी काशी ज्ञानवापी और मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामलों में तत्काल सुनवाई करने के लिए साइन पीटीशन अभियान चलाया गया है।

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शिवगर्जना प्रतिष्ठान द्वारा शिवकालीन शस्त्रों का प्रदर्शन

युवाओं में स्वाभिमान और छत्रपती शिवाजी महाराज से प्रेरणा जागृत करने के उद्देश्य से शिवगर्जना प्रतिष्ठान द्वारा कार्यक्रम स्थल पर शिवकालीन शस्त्रास्त्रों का भव्य प्रदर्शन लगाया गया है। इसमें शिवकालीन नाणी, वाघनखे, विविध प्रकार की तलवारें, पट्टा, कट्यार, ढाल, धनुष-बाण, खंजीर, कुर्‍हाड़ और अन्य शस्त्र प्रदर्शित किए गए हैं।

भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से यह जन्मभूमि अवश्य मुक्त होगी – पू. दिनेश फलाहारी महाराज

“मुगल शासकों ने तलवार के बल पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर कब्जा किया। आज उनके वंशजों के पास इस भूमि का कोई भी प्रमाण नहीं है। इसके विपरीत, संघर्ष न्यास ने बिजली-पानी के बिलों सहित सभी प्रमाण न्यायालय में प्रस्तुत किए हैं। हमारा न्यायालयीन संघर्ष श्रीकृष्ण की कृपा से आगे बढ़ रहा है और उसकी सफलता हेतु ही ‘श्री नारायण महायज्ञ’ आयोजित किया गया है।”

उन्होंने यह भी बताया कि 1670 में औरंगज़ेब ने जन्मभूमि को अवैध रूप से कब्जाया और उसके ऊपर कथित मस्जिद बनाई। आज भी 2.25 एकड़ जन्मभूमि पर यह ढांचा मौजूद है, जबकि वास्तविक गर्भगृह उसके नीचे स्थित है।

जन्मभूमि प्राप्त किए बिना हम रुकने वाले नहीं – प्रियाकिशोरी भारद्वाज

आंतरराष्ट्रीय प्रचारक प्रियाकिशोरी भारद्वाज ने कहा – “भगवान श्रीकृष्ण का वास्तविक जन्मस्थान हिंदू समाज के अधिकार में न होना, यह सनातन धर्म के लिए अत्यंत पीड़ा का विषय है। उत्खनन होने पर वहां से और भी मंदिर के अवशेष मिलेंगे। भगवान श्रीकृष्ण का जन्मस्थान हम अवश्य प्राप्त करेंगे — यह संकल्प अडिग है।”

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