
कोलकाता (बंगाल) – यहां के हिन्दुत्वनिष्ठ श्री. विमल जायसवाल जहां रहते हैं, उस भुवन के उद्वाहक यंत्र की (‘लिफ्ट’की) बाजू में लगाए गए दूरचित्रवाणी संच पर गणेश चतुर्थी की अवधि में ‘एडऑनमो’ प्रतिष्ठान ने श्री गणेश को शर्ट-पैंट पहनकर, साथ ही हाथ में लैपटॉप लिए दिखाया गया था । श्री गणेश को इस प्रकार दिखाया जाना अनुचित होने का ध्यान में आने पर उन्होंने इस संदर्भ में ‘एक्स’ पर पोस्ट की, साथ ही हिन्दू जनजागृति समिति के ‘सुराज्य अभियान’ को भी सूचित किया । यह घटना बडे स्तर पर सामाजिक माध्यमों में प्रसारित होने पर वह इस प्रतिष्ठान तक पहुंची । इस प्रतिष्ठान ने जायसवाल की पोस्ट का उत्तर देते हुए लिखा कि यह विज्ञापन देनेवाले संबंधित अधिकारी पर हम कार्रवाई कर रहे हैं ।
कुछ दिन पश्चात प्रतिष्ठान के विज्ञापन से यह अनादर करनेवाला चित्र हटा दिया गया है, यह बात जायसवाल के ध्यान में आई । इसप्रकार गणेशोत्सव की अवधि में जागृत विमय जायसवाल ने तत्काल कृति कर श्री गणेशजी को हो रहा अनादर रोका ।
AdOnMo जैसे एडवरटाइजिंग कंपनीज अपनी मार्केटिंग के लिए भगवान गणेश का ऐसा चित्रण कहीं से भी उचित नहीं लगता । सनातन समाज को इसका विरोध सोशल मिडिया के माध्यम से करना चाहिए|@SanatanPrabhat @SurajyaCampaign pic.twitter.com/yx8QssmvNN
— Vimal Jaiswal (@vimaljais) September 9, 2025
अनादर होने का ध्यान में आने के तुरंत उपरांत मैंने उसके विरुद्ध आवाज उठाई ! – विमल जायसवाल
इस संदर्भ में ‘सनातन प्रभात’से बात करते हुए श्री. जायसवाल ने कहा, ‘‘गणेशोत्सव की अवधि में ‘एडऑनमो’ इस प्रतिष्ठान की ओर से श्री गणेश के संदर्भ में कुछ प्रश्न पूछे जा रहे थे तथा उसमें श्री गणेश को सूट-बूट पहनाकर दिखाया गया थश । हिन्दुओं के देवता को इसप्रकार दिखाना अनुचित है, यह मेरे ध्यान में आय तथा मैंने इसके विरुद्ध आवाज उठाई ।’’
जायसवाल का यह प्रयास प्रशंसनीय तथा अन्यों के लिए प्रेरणादायक ! – शंभू गवारे, हिन्दू जनजागृति समिति
इस घटना के विषय में हिन्दू जनजागृति समिति के पूर्व एवं पूर्वाेत्तर भारत राज्य समन्वयक श्री. शंभू गवारे ने ‘सनातन प्रभात’ से बात करते हुए कहा, ‘‘श्री. विमल जायसवाल हिन्दू राष्ट्र समन्वय समिति के बंगाल के सहसंयोजक हैं । उन्होंने जिस जागरूकता एवं तत्परता से श्री गणेश का अनादर रोकने हेतु प्रयास किए, वह प्रशंसनीय तथा अन्यों के लिए प्रेरणादायक है । बंगाल में इसप्रकार कृति करने का विचार कभी-कभी ही दिखाई देता है; इसलिए जायसवाल द्वारा की गई धर्मसेवा अन्यों के लिए अनुकरणीय है । ‘‘एडऑनमो’ने भी हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए तत्परता से कार्रवाई की । इसके लिए समिति की ओर से मैं भी उनका अभिनंदन कर उनका आभार व्यक्त करता हूं ।’’








