
बेंगलुरु – विक्रम टीवी के संपादक महेश विक्रम हegde को राज्य में हुई घटनाओं पर फेसबुक के माध्यम से अपनी राय व्यक्त करने के लिए गिरफ्तार करना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(क) – अर्थात् अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता – का प्रत्यक्ष उल्लंघन है।
इसी प्रकार, राष्ट्र रक्षण पाडे के संस्थापक-अध्यक्ष पुनीत केरेहल्लि की “घृणास्पद भाषण” देने की आशंका के आधार पर मड्डूर गणेशोत्सव शोभायात्रा में भाग लेने से पहले की गई निवारक गिरफ्तारी भी अवैध है। दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 151 के अंतर्गत निवारक गिरफ्तारी केवल किसी गंभीर अपराध को रोकने हेतु की जा सकती है। इस मामले में ऐसा कोई अपराध सिद्ध नहीं हुआ है। अतः यह गिरफ्तारी असंवैधानिक है।
Press Release
Arrests of @mvmeet & @Puneeth74353549 are illegal, violating Hindus’ freedom of speech!@HinduJagrutiOrg demands👇
1️⃣ Immediate release2️⃣ Stop targeting Hindu leaders/events
3️⃣ Protect constitutional rights equally@ANI @ians_india @PTI_News @republic @ndtv pic.twitter.com/UoQzN6d8Uy
— HJS Karnataka (@HJSKarnataka) September 13, 2025
ऐसी कार्रवाइयाँ सरकार के पक्षपाती रवैये को उजागर करती हैं। गणेशोत्सव का शांतिपूर्वक आयोजन सुनिश्चित करने के बजाय सरकार ने हिंदू नेताओं को निशाना बनाकर गिरफ्तार किया है, जिससे हिंदुओं के धार्मिक अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन हुआ है। हिंदू जनजागृति समिति इस अन्यायपूर्ण गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करती है और सरकार के समक्ष निम्नलिखित माँगें रखती है –
महेश विक्रम हेगडे और पुनीत केरेहल्लि की गिरफ्तारी तुरंत रद्द की जाए
भविष्य में किसी भी हिंदू नेता या धार्मिक कार्यक्रम को राजनीतिक अथवा धार्मिक पूर्वाग्रह के आधार पर निशाना न बनाया जाए।
सरकार संविधान प्रदत्त अधिकारों की रक्षा करे और राज्य में कानून-व्यवस्था को समानता के आधार पर बनाए रखे।
१४ सितंबर
‘पोस्ट कार्ड न्यूज’ के संस्थापक महेश विक्रम हेगडे को बंदी बनाया गया
‘विसर्जन शोभायात्रा पर पथराव करने वालों की मस्जिद पर मुख्यमंत्री को बुलडोजर चलाना चाहिए’, ऐसा लिखी गई पोस्ट के कारण पुलिस ने स्वयं संज्ञान लेकर कार्यवाही की
हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को रौंदने वाले कितने मुसलमानों पर कर्नाटक पुलिस स्वयं संज्ञान लेकर कार्यवाही करती है ? – सम्पादक, हिन्दुजागृति

मंगलुरु (कर्नाटक) – कथित साम्प्रदायिक वैमनस्य फैलाने के आरोप में ‘पोस्ट कार्ड न्यूज’ नामक समाचार पोर्टल के संस्थापक महेश विक्रम हेगडे को मूडबिदरे पुलिस ने बंदी बनाया। पोस्ट में मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या की तस्वीर दिखाकर उसके नीचे लिखा गया था – ‘मुख्यमंत्री, विसर्जन शोभायात्रा पर पथराव करने वालों की मस्जिद पर बुलडोजर चलाइए ।’ इस पर पुलिस ने स्वतः घटना पर ध्यान देकर हेगडे को बंदी बनाया । पुलिस का कहना है कि ‘इस पोस्ट का उद्देश्य दो धर्मों के बीच वैमनस्य फैलाकर साम्प्रदायिक दंगे कराना और समाज की शांति व कानून-व्यवस्था बिगाड़ना था ।’








