
मुंबई – बढते अपराधों, जनसंख्या और धर्मांधों के आक्रमणों के कारण कब कौन-सी घटना घटित होगी, यह बताना कठिन है । मुंबई जैसे प्रगतिशील शहर में भी अपराधों का अनुपात कम नहीं है । विशेष रूप से महिलाओं पर विभिन्न प्रकार के अत्याचारों की घटनाएं बढती ही जा रही हैं । ऐसे में अपनी रक्षा करना ही हमारी पहली प्रतिक्रिया होनी चाहिए । अपनी रक्षा के लिए हर बार पुलिस प्रशासन अथवा समाज पर निर्भर रहना संभव नहीं है, इसीलिए प्रत्येक को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण लेना चाहिए, यह प्रतिपादन श्री. हेमंत पुजारे ने यहां किया ।
लोअर परेल के बाळ गोपाळ सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल की ओर से एवं हिन्दू जनजागृति समिति के सहयोग से आयोजित ‘उत्सव भक्तीचा – जागर शौर्याचा’ नामक विशेष कार्यक्रम में वे बोल रहे थे । यह कार्यक्रम ३ सितंबर की रात ७ से ८ के बीच आयोजित हुआ । मंडल के कार्यकर्ताओं ने इसका लाभ उठाया । श्री. सचिन पवारजी के प्रयासों से इस कार्यक्रम का आयोजन संभव हुआ ।
श्री हेमंत पुजारेजी ने ‘लव जिहाद’, युवा पीढी के नैतिक पतन को कैसे रोका जाए, महिलाओं पर होनेवाले अत्याचारों का प्रतिकार कैसे करें, इन सभी विषयों पर उपस्थित लोगों को संबोधित किया । कार्यक्रम के अंत में समिति के कार्यकर्ताओं ने आत्मरक्षा प्रशिक्षण के आत्मविश्वास बढानेवाले प्रात्यक्षिक प्रस्तुत किए ।
मंडल की ओर से समिति के कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया ।
क्षणिकाएं
१. इस अवसर पर नवरात्रि में स्वरक्षा प्रशिक्षण के प्रात्यक्षिक प्रस्तुत करने की मांग की गई ।
२. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रमुख ने शिवाजी पार्क में युवाओं के लिए प्रशिक्षण सिखाने की मांग की ।








