३५० से अधिक मंदिर प्रेमियों का उत्स्फूर्त सहभाग !
मंदिर धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र होने चाहिए ! – श्री. आनंद जीवन स्वामी, स्वामीनारायण मंदिर

धुले – यहां के स्वामीनारायण मंदिर के श्री. आनंद जीवन स्वामी उपस्थितों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मंदिर धर्म की आधारशिला हैं । वहां समाज को चैतन्य (जीवन शक्ति) और शांति की अनुभूति होती है । मंदिर में आनेवाले श्रद्धालुओं को भारतीय संस्कृति और धार्मिक प्रथाओं की जानकारी देना अत्यावश्यक है । इसके लिए मंदिरों को धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र बनना चाहिए । वे यहां आयोजित एक मंदिर सम्मेलन में बोल रहे थे । देवपुर के श्री स्वामिनारायण मंदिर और श्री एकवीरा देवी मंदिर, श्री नरसिम्हा मंदिर – आगरा रोड, कन्हदेश वारकरी सेवा मंडल, महाराष्ट्र मंदिर महासंघ एवं हिन्दू जनजागृति समिति ने संयुक्त रूप से यहां ‘महाराष्ट्र मंदिर न्यास जिला अधिवेशन’ का आयोजन किया । अधिवेशन का शुभारंभ सनातन संस्था के धर्मप्रचारक सद्गुरु नंदकुमार जाधव, श्री. आनंद जीवन स्वामी, प्रा. प्रकाश पाठक, एकविरा देवी के श्री. सोमनाथ गुरव, भूतपूर्व सहधर्मादाय आयुक्त श्री. दिलीप देशमुख, हिन्दू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ राज्य संगठक श्री. सुनील घनवट के हस्तों दीपप्रज्वलन से हुआ । श्री. वसंत पाटील ने सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत बाळाजी आठवलेजी का संदेश पढकर सभी को सुनाया । अधिवेशन के लिए ३५० से अधिक विश्वस्त, प्रतिनिधि, पुजारी और अधिवक्ता उपस्थित थे ।
🚩🛕 From the land of #Dhule, Maharashtra, the "Mandir Parishad' echoed with the call to free temples from Government control!
Over 350+ temple trustees & priests joined the historic gathering by Maharashtra Mandir Mahasangh.#MandirParishad #HinduTemples@mandirmahasangh pic.twitter.com/JNfk8BTNAx
— Sunil Ghanwat 🛕🛕 (@SG_HJS) August 18, 2025








