
मुंबई – छत्रपति शिवाजी महाराज के विषय में झूठा इतिहास दिखानेवाली फिल्म ‘खालिद का शिवाजी’ को ‘कांस’ फिल्म महोत्सव से हटाया गया है । इस विषय में राज्य सरकार ने ‘कांस’ को ई-मेल भेजा है । राज्य के सांस्कृतिक कार्यमंत्री आशिष शेलार ने प्रसारमाध्यमों को यह जानकारी दी ।
‘केंद्रीय फिल्म परिनिरीक्षण विभाग’ ने (सेंसर बोर्ड ने) इस फिल्म की पुनः जांच कर संबंधित लोगों को नोटिस भेजा है । विशेष समिति ने कांस फिल्म महोत्सव के लिए इस फिल्म का चयन किया था । मैंने केवल इसकी घोषणा की । इस फिल्म के विषय में जांच आरंभ की गई है । इसकी सुनवाई कर कार्रवाई की जाएगी । यह सब कानूनी प्रक्रिया है तथा विशेषज्ञ इस पर काम कर रहे हैं’, ऐसा मंत्री शेलार ने बताया ।
उन्होंने कहा कि, इतिहास से छेड़छाड़ किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिल्म ‘खालिद का शिवाजी’ के संबंध में प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से फिल्म की तुरंत दोबारा जांच करने का अनुरोध किया है।
महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वे संबंधित केंद्रीय मंत्रियों और अधिकारियों से भी इस बारे में चर्चा करेंगे। मंत्री एडवोकेट शेलार ने आगे कहा कि इस फिल्म को केंद्रीय सेंसर बोर्ड का प्रमाणपत्र कैसे मिला? क्या स्क्रीनिंग कमेटी ने फिल्म का सही अध्ययन किया? इस संबंध में जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस फिल्म का चयन कान फिल्म महोत्सव के लिए कैसे हुआ? क्या इसमें कोई गड़बड़ी हुई, इसकी भी जांच की जाएगी।








