
छत्रपति संभाजीनगर – वर्तमानकाल में महिलाओं और युवतियों को अनेक प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड रहा है । महिला-सुरक्षा आज एक बडा प्रश्न बन गया है । इसी उद्देश्य से महिलाओं को अपनी सुरक्षा के लिए सक्षम बनाने, उनमें लड़ने की मानसिकता और तैयारी विकसित करने के लिए, हिन्दू जनजागृति समिति ने छत्रपति संभाजीनगर के रांजणगाव (शे.पू.) में ‘रोना नहीं, लडना है’ इस स्वरक्षा प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया ।

इस शिविर में रांजणगाव (शे.पू.) क्षेत्र की 80 युवतियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हिन्दू जनजागृति समिति के श्री बळीराम गायकवाड ने शिविर का उद्देश्य बताया । श्रीमती सुवर्णा निकम ने ‘हिन्दू धर्म की महानता’ इस विषय पर मार्गदर्शन किया, जबकि सनातन संस्था की कु. चैताली डुबे ने ‘महिलाओं की वर्तमान स्थिति और स्वरक्षा के लिए किए जानेवाले उपाय’ पर मार्गदर्शन किया ।

इस शिविर में हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. कृष्णा गव्हाड और श्री. बळीराम गायकवाड ने स्वरक्षा के प्रात्यक्षिकों का प्रदर्शन किया । तत्पश्चात, स्वरक्षा के लिए कुछ कराटे के प्रकार और स्वरक्षा के सरल तरीके शिविर में सिखाए गए । भाग लेनेवाली युवतियों ने अपना मनोगत व्यक्त करते हुए कहा, “इस शिविर के माध्यम से हमें कई नई बातें सीखने मिलीं, नई जानकारी मिली और हमारा आत्मविश्वास भी बढा है ।








