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श्री शनैश्चर देवस्थान को विश्वस्तों ने बनाया भ्रष्टाचार का अड्डा
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देवस्थान पर समिति नियुक्त करने की मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा !

मुंबई – अहिल्यानगर स्थित श्री शनिदेव के स्वयंभू एवं जागृत श्री शनैश्चर देवस्थान की स्वयं विश्वस्तों द्वारा की गई लूट का दुर्भाग्यपूर्ण प्रकरण विधानसभा में उजागर हुआ है । विश्वस्तों ने २ सहस्र से अधिक नकली कर्मचारियों की नियुक्ति कर देवस्थान के करोडों रुपये की लूट की । इस प्रकरण की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए पंढरपुर एवं शिर्डी देवस्थान के समान श्री शनैश्चर देवस्थान पर समिति नियुक्त करने का विचार किया जा रहा है, ऐसी सूचना मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभागृह में दी ।
Criminal Offence will be registered against the trustees involved in the Shani Shingnapur scam. Misuse of Faith for corruption will not be tolerated.
शनि शिंगणापुर येथील शनि मंदिराच्या विश्वस्थांनी केलेल्या घोटाळ्यासंदर्भात फौजदारी गुन्हा दाखल करून देवाच्या नावाने भ्रष्टाचार… pic.twitter.com/ra4tgmtxGR
— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) July 11, 2025
१. भारतीय जनता पार्टी के विधायक श्री विठ्ठल लंघे ने श्री शनैश्चर देवस्थान में हो रहे भ्रष्टाचार के संबंध में कार्रवाई हेतु लक्षवेधी सूचना सभा में प्रस्तुत की थी । इस प्रकरण की जांच हेतु विधि एवं न्याय विभाग द्वारा स्थापित समिति की रिपोर्ट की सूचना इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभा को दी ।
२. ईश्वर के स्थान पर भी लोग इतने बडे स्तर पर भ्रष्टाचार करते हैं, इस प्रकार के भयावह कृत्य इस रिपोर्ट से प्रकट हुए हैं, ऐसा दुख भी मुख्यमंत्री ने व्यक्त किया ।
ऐसा हुआ भ्रष्टाचार !
पूर्व में श्री शनैश्चर देवस्थान २५८ कर्मचारियों के माध्यम से उत्तम प्रकार से संचालित हो रहा था; तथापि कर्मचारियों की संख्या को बढाकर २ सहस्र ४७४ तक कर दिया गया । विश्वस्तों ने अपने संपर्क में रहनेवाले कार्यकर्ताओं के नाम पर बैंकों में झुठे खाते खोलकर, उनमें देवस्थान के माध्यम से मासिक वेतन जमा किया । इस प्रकार प्रत्यक्ष रूप से कार्यरत न होनेवाले २ सहस्र से अधिक झुठे कर्मचारियों के खातों में धन जमा किया गया । इस प्रकार देवस्थान के करोडों रुपये की लूट की गई, ऐसी सूचना मुख्यमंत्री फडणवीस ने सभा में दी ।
नेवासा तालुक्यातील प्रसिद्ध देवस्थान श्री श्रेत्र शनिशिंगणापूर येथील विश्वस्त मंडळामार्फत होत असलेल्या प्रचंड घोटाळ्या संदर्भात विधानभवनात नेवासा तालुक्यातील लोकप्रिय आमदार विठ्ठलराव लंघे पाटील यांनी लक्षवेधी उपस्थित केली.
🔥🔥🔥🔥🔥🔥 pic.twitter.com/F650v54IpS— Scientist 𝕏 🇮🇳🚩 (@Special_033) July 11, 2025
इस प्रकार नकली कर्मचारी दर्शाए गए !
अस्तित्वहीन स्थानों के लिए ८० झुठे कर्मचारी दर्शाए गए । भक्तनिवास की १०९ कक्षाओं हेतु २०० कर्मचारी दिखाए गए । किसी भी प्रकार का कार्य न करनेवाले ३२७ कर्मचारी दर्शाए गए । देवस्थान की १३ गाडियों के लिए १६३ कर्मचारी दर्शाए गए । तेल विक्रय एवं दान संग्रहण के १२ कक्षों में ३५२ कर्मचारी दर्शाए गए । वृक्ष संरक्षण हेतु ८३ कर्मचारी दिखाए गए; किंतु इनमें से एक भी कर्मचारी कार्यरत नहीं है । देवस्थान की ३५ एकड भूमि के लिए ६५ कर्मचारी दर्शाए गए । जल आपूर्ति विभाग में ८०, गौशाला में ८२, वाहनतल की स्वच्छता हेतु ११८, सुरक्षा विभाग में ३१५, प्रसादालय में ९७, वाहनों हेतु १७६, विद्युत विभाग में २०० इस प्रकार अनेक झुठे कर्मचारी देवस्थान में दर्शाए गए ।
इस प्रकार होगी आगामी कार्रवार्ई !
विधि एवं न्याय विभाग की रिपोर्ट के पश्चात धर्मादाय आयुक्त के समक्ष इस प्रकरण की सुनवाई चल रही है । विधि एवं न्याय विभाग ने इस प्रकरण में अपराध प्रविष्ट करने का आदेश दिया है । इस प्रकरण में एक धर्मादाय चिकित्सालय के अधिकारियों ने विश्वस्तों को ‘क्लीन चिट’ (निर्दोषता का प्रमाणपत्र) दिया है । अतः धर्मादाय आयुक्त कार्यालय के बाह्य अधिकारियों के माध्यम से इस प्रकरण की जांच की जाएगी । भ्रष्टाचारियों को निर्दोष ठहरानेवाले अधिकारी पर भी फौजदारी अपराध प्रविष्ट किया जाएगा, ऐसी सूचना मुख्यमंत्री ने दी ।
झुठा ‘ऍप’ सिद्ध कर पूजन के नाम पर करोडों रुपये की लूट !
श्री शनैश्चर देवस्थान के कुछ कर्मचारी एवं पुजारियों ने बनावटी ‘क्यूआर कोड’ एवं रसीद पुस्तिकाएं बनाकर, उनके माध्यम से पूजन हेतु एवं दान के रूप में करोडों रुपये स्वीकार किए । इस प्रकार के अनेक ऍप सिद्ध किए गए । प्रत्येक ऍप पर २ लाख से अधिक श्रद्धालु जुडे हुए हैं । श्रद्धालुओं से पूजन हेतु संकलित किए गए रुपये देवस्थान में जमा करने के स्थान पर निजी व्यक्तियों के खाते में चले गए हैं । इन ऍपों को बनाने के लिए धर्मादाय आयुक्त की अनुमति नहीं ली गई, ऐसी सूचना विधायक विठ्ठल लंघे ने दी ।
भाजपा के विधायक सुरेश धस ने कहा कि ऍप के माध्यम से ५०० करोड रुपये से अधिक की लूट हुई है । इस प्रकरण की जांच साइबर विभाग के पुलिस अधिकारियों से कराए जाने की घोषणा इस अवसर पर की गई ।








