अजय पंडिता की हत्या के विरोध में दुनिया भर में प्रदर्शन, #HinduUnitedAgainstTerror बना जागतिक ट्रेंड

जम्मू कश्मीर में सरपंच अजय पंडिता की आतंकियों द्वारा की गई हत्या के बाद दुनिया भर में इसके ख़िलाफ़ विरोध शुरू हो गया है। दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने आतंकियों के खिलाफ एकजुटता दिखाने और आवाज़ उठाने की अपील की थी, जिसके तहत लोगों को अपने घर या पड़ोस से ही सोशल डिस्टेन्सिंग बनाए रखते हुए विरोध प्रदर्शन करने की अपील की गई थी। प्लाकार्ड और बैनर के जरिए लोग अपना रोष प्रकट कर रहे हैं।

प्लाकार्ड और पोस्टरों पर लोग स्लोगन्स या अपने मन की बात लिख कर अजय पंडिता की हत्या के विरोध में आतंकियों के खिलाफ आवाज़ उठाएँगे। साथ ही फोटो और वीडियो के जरिए रोष प्रकट करेंगे। फिर इसे सोशल मीडिया पर ‘#HinduUnitedAgainstTerror’ हैशटैग के साथ पोस्ट किया जाएगा। साथ में लोगों से अपने शहर और क्षेत्र का नाम मेंशन करने को कहा गया है। अब तक कई देशों से लोगों ने इस प्रोटेस्ट में भाग लिया है।

रविवार (जून 14, 2020) को दुनिया भर के कई हिस्सों से लोग विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसे कश्मीर में इस्लामी आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक विरोध प्रदर्शन नाम दिया गया है। लोगों ने कहा है कि ये आतंक के खिलाफ हिन्दू एकता का परिचायक होगा। भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने अपने वीडियो सन्देश में कहा है कि इस अभियान का मकसद जम्मू कश्मीर व भारत के अन्य हिस्सों में हिन्दुओं की लगातार हो रही हत्या की वारदातों को दुनिया के सामने ले जाना है।

दुनिया भर के क़रीब 100 शहरों से इस वैश्विक अभियान में भागीदारी की तैयारी की गई है। ऑस्ट्रेलिया स्थित पर्थ, सिडनी और ब्रिस्बेन में भी विरोध प्रदर्शन होंगे। इसके बाद इंडोनेशिया, सिंगापुर, मलेशिया, फिलीपींस, थाईलैंड से लोग अपना रोष प्रकट करेंगे। न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में विरोध प्रदर्शन शुरू हो चुका है। कपिल मिश्रा ने बताया कि दोपहर होते-होते भारत, अफ्रीका, ब्रिटेन, यूरोप और रात होते-होते अमेरिका, कनाडा सहित सारी दुनिया में यह कैंपेन चलेगा।

उन्होंने कहा कि कश्मीर में कश्मीरी पंडित अजय पंडिता की हत्या के खिलाफ पूरी दुनिया में ये प्रोटेस्ट किया जा रहा हैं। भारत के 50 से भी अधिक शहरों में इस कैम्पेन को चलाया जा रहा है। ग्लोबल कश्मीरी पंडित डायस्पोरा इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा ले रहा है। साथ ही ‘जेके नाउ’ भी इससे जुड़ा हुआ है। भारत के कई संगठनों और दुनिया भर के कई प्रवासी भारतीय संगठनों ने इस अभियान में अपनी हिस्सेदारी सुनिश्चित की है।

आतंक के खिलाफ हिन्दू एकता का सन्देश देने वाले इस अभियान को सफल बनाने के लिए कई हिंदूवादी संगठनों ने भी अपील की थी। कपिल मिश्रा दुनिया के कोने-कोने से आई तस्वीरों को अपने ट्विटर टाइमलाइन पर रीट्वीट कर रहे हैं, ताकि लोगों को पता चलता रहे कि कहाँ-कहाँ से अजय पंडिता की हत्या के खिलाफ आवाज़ उठ रही है। उन्होंने दुनिया के कई शहरों से तस्वीरें शेयर की, जिनमें महिलाओं और बुजुर्गों को भी देखा जा सकता है।

कपिल मिश्रा ने कहा है कि हिन्दुओं की आवाज़ एक साथ पूरी दुनिया में गूँजनी चाहिए। हालाँकि उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों के कोरोना दिशा-निर्देशों का उल्लंघन नहीं करने की सलाह भी दी है। लोगों को अपने-अपने घरों और मोहल्लों से वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने को कहा गया है। साथ ही लोगों से अपने परिचितों को भी ‘हिन्दू यूनाइटेड अगेंस्ट टेरर’ के पक्ष में आवाज़ उठाने की अपील की गई है।

बता दें कि जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकियों ने सोमवार (जून 8, 2020) को कॉन्ग्रेस के हिंदू सरपंच अजय पंडिता (भारती) की गोली मारकर हत्या कर दी थी। अजय पंडिता की हत्या उस वक्त की गई, जब वो बागान में गए हुए थे। उनके परिवार में माँ-पिता के अलावा पत्नी और दो बेटियाँ हैं। आतंकियों ने पीछे से उन पर वार कर मौत की नींद सुला दी। पूरे कश्मीरी पंडित समुदाय और हिन्दुओं में इसके बाद गुस्सा व्याप्त हो गया।

ख़बर आई थी कि अब तक करीब 50 पंच-सरपंच घाटी छोड़कर जम्मू आ चुके हैं। यह दावा ऑल जम्मू एंड कश्मीर पंचायत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने किया था। अनिल शर्मा ने इंडिया टुडे से बातचीत में बताया था कि अजय पंडिता की मौत के बाद उन्हें कई सरपंचों के कॉल आ रहे हैं। उनमें काफी डर है। अनिल ने कहा था कि अब तक उनके 19 साथी इस बर्बरता का शिकार हो चुके हैं।

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