धर्मादाय चिकित्सालयों को सुचारू रूप से चलाने के लिए डॉ. तात्याराव लहाने की अध्यक्षता में गठित निष्क्रिय समिति को तुरंत बरखास्त करें !

बाई ओरसे हिंदु जनजागृती समितीके प्रवक्ता श्री. अरविंद पानसरे, आरोग्य साहाय्य समितीके डॉ. उदय धुरी, हिंदु जनजागृती समितीके पू. शिवाजी वटकर

आजकल धर्मादाय चिकित्सालयों में निर्धन रोगियों के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं; परंतु इन चिकित्सालयों द्वारा इन योजनाओं को ठीक से न चलाए जाने से निर्धन रोगियों को उनका लाभ नहीं मिलता । यह सब जरूरतमंद रोगियों के साथ अन्याय हो रहा है । सरकार द्वारा इन धर्मादाय चिकित्सालयों द्वारा निर्धन लोगों की चिकित्सकीय गुणवत्ता, उनकी चिकित्सा करते समय आनेवाली समस्याएं, चिकित्सा हेतु वसूला जानेवाला शुल्क, औषधियों का मूल्य, साथ ही योजना के लिए पलंगों को आरक्षित रखने के नियमों का पालन किया जा रहा है अथवा नहीं, इसकी जांच कर उस पर नियंत्रण रखने हेतु डॉ. तात्याराव लहाने की अध्यक्षता में विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक समिति का गठन किया गया था । इस विशेषज्ञों की समिति को 3 माह में धर्मादाय आयुक्त, साथ ही राज्य सरकार को अपना ब्यौरा प्रस्तुत करना अनिवार्य था । वास्तव में विगत 5 वर्षों में इस समिति ने इसके लिए न तो कोई बैठक ली, न किसी चिकित्सालय की जांच की और न ही सरकार को इसका ब्यौरा दिया । अतः आरोग्य साहाय्य समिति की ओर से डॉ. उदय धुरी ने यह मांग की है कि ‘विगत 5 वर्षों में एक भी बैठक लेने तक में असफल रही इस निष्क्रिय समिति को बरखास्त किया जाए और इस संदर्भ में उचित कार्यवाही की जाए ।’ इस अवसर पर हिन्दू जनजागृति समिति के पू. शिवाजी वटकरजी एवं हिन्दू जनजागृति समिति के प्रवक्ता श्री. अरविंद पानसरे भी उपस्थित थे ।

हिन्दू जनजागृति समिति ने अप्रैल 2017 और दिसंबर 2017 तक, राज्य सरकार द्वारा आश्रित धर्मादाय चिकित्सालयों का प्रत्यक्ष अवलोकन कर वहां सरकारी योजनाओं की प्रसिद्धि और कार्यवाही होती है अथवा नहीं, इसका अध्ययन किया था । तब कई चिकित्सालयों में इस सरकारी योजना की प्रसिद्धि न किए जाने की बात ध्यान में आई । वास्तविक रूप से इस योजना की प्रसिद्धि करना इन चिकित्सालयों के लिए अनिवार्य है । इस पृष्ठभूमि पर इस विशेषज्ञ डॉक्टरों की समिति का जानबूझकर निष्क्रिय बने रहना और समाज के दुर्बल घटकों को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रखना, तो इससे भी अधिक निंदनीय है । इस संदर्भ में हमने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्यमंत्री को ज्ञापन दिए हैं । आरोग्य साहाय्य समिति की ओर से राज्य सरकार विद्यमान लहाने समिति को तुरंत बरखास्त करे और कार्यक्षम विशेषज्ञों की नई समिति का गठन करे । इसके साथ ही सरकार इस समिति के कार्य की समय-समय पर समीक्षा करे, जांच ब्यौरा और की गई कार्यवाही की जानकारी प्रसारमाध्यमों को दे और यदि धर्मादाय चिकित्सालयों द्वारा सर्वसामान्य रोगियों की समस्याओं का समाधान न किया जाता हो, तो उन रोगियों को इस समिति को सीधे इस समिति के पास शिकायत करना संभव होने के लिए व्यवस्था बनाई जाए आदि मांगें की गई हैं ।

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