राजस्थान का ‘हिन्दू राष्ट्र’ संपर्क अभियान

जयपुर : ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद एवं अथर्ववेद ये ४ वेद एवं आयुर्वेद, गंधर्ववेद,शिल्पवेद एवं धनुर्वेद ये उपवेद हैं। इन उपवेदों में राज्यव्यवस्था, अर्थव्यवस्था, युद्धकला, संगीत, कला आदि मनुष्य के जीवन में आवश्यक सभी प्रकार का ज्ञान एवं विज्ञान है। इसलिए युवकों को पुनः सक्षम बनानेवाले हिन्दू धर्मशास्त्र की आवश्यकता है ! इस शिक्षा के लिए ‘हिन्दू राष्ट्र’ की आवश्यकता है ! हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री रमेश शिंदे ने ऐसा प्रतिपादित किया। वे शाहपुर के खोजीपीठ त्रिवेणी धाम में आयोजित एक बैठक में बोल रहे थे।
इस अवसर पर समिति के राजस्थान समन्वयक श्री.आनंद जाखोटिया भी उपस्थित थे। वर्ष २००६ में नासिक कुंभपर्व में सनातन संस्थाद्वारा आयोजित धर्मशिक्षा प्रदर्शनी को भेंट देनेवाले इस धाम के मुख्य आचारी श्री. झाबरमल ने इस बैठक का आयोजन किया था।
स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात








